इटावा में 7 करोड़ GST घोटाले का पर्दाफाश, फर्जी ITC रैकेट के 5 आरोपी गिरफ्तार

इटावा : इटावा पुलिस और जीएसटी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) चोरी करने वाले एक संगठित फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश हुआ है.जांच में सामने आया है कि अभियुक्तों ने फर्जी जीएसटी फर्में बनाकर करीब ₹7.03 करोड़ की GST चोरी की। मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में की गई. आर्थिक अपराध की गंभीरता को देखते हुए जनपद स्तर पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था, जिसने जीएसटी विभाग के सहयोग से पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच की.
संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि अभियुक्त बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के फर्जी जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराते थे.इन फर्मों के माध्यम से GSTR-1 में फर्जी बिक्री दिखाकर अवैध रूप से ITC जनरेट की जाती थी, जिसे बाद में विभिन्न व्यापारियों और ठेकेदारों को पास-ऑन किया जाता था.इसके एवज में अभियुक्तों को लगभग 2.5 प्रतिशत कमीशन मिलता था.
जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए फर्मों का पंजीकरण देश के अलग-अलग राज्यों के पतों पर कराया गया, जिससे जीएसटी ट्रेल को जटिल बनाया जा सके.इसके अलावा, आम लोगों को लोन, नौकरी और सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके आधार, पैन और अन्य दस्तावेज हासिल किए जाते थे, जिनका दुरुपयोग कर फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया गया.
एसआईटी ने आईपीडीआर, नेटग्रिड, बैंकिंग ट्रांजैक्शन, जीएसटी पोर्टल लॉग-इन डाटा, मोबाइल फोन, लैपटॉप और व्हाट्सएप ग्रुप्स का गहन विश्लेषण कर पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ा.डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह की कार्यप्रणाली उजागर हुई.
गिरफ्तार आरोपियों में अंकित जौहरी, शिवा जौहरी, अभिषेक कुमार शाक्य, देवेश चंद्र शाक्य और मोहम्मद आसिफ खान शामिल हैं.उनके कब्जे से एक लैपटॉप, फर्जी जीएसटी इनवॉइस व ई-बिल से जुड़े दस्तावेज, तथा बिना नंबर प्लेट की मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स कार बरामद की गई है.
पूछताछ में यह भी सामने आया कि एक आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट न होते हुए जीएसटी रजिस्ट्रेशन, अकाउंटिंग और रिटर्न फाइलिंग का कार्य कर रहा था तथा सीए के हस्ताक्षरों के लिए अन्य फर्मों का दुरुपयोग किया जाता था.
इस संगठित आर्थिक अपराध के संबंध में कोतवाली, फ्रेंड्स कॉलोनी और जसवंतनगर थानों में कई मुकदमे दर्ज किए गए हैं.पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी.
इटावा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.











