नीमच में पांच बुलडोजर का एक साथ एक्शन, निशाने पर छात्रावास की बिल्डिंग और चर्चा में करीब 1000 करोड़ की जमीन!

नीमच में शनिवार सुबह जमीन से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई ने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया। शहर के बीचोंबीच स्थित जीवाजी राव सिंधिया छात्रावास में प्रशासनिक अमला पहुंचा और देखते ही देखते पांच बुलडोजरों से बिल्डिंग को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हो गई। मौके पर पुलिस बल के साथ प्रशासन और नगरपालिका का भारी अमला मौजूद रहा। कार्रवाई की निगरानी एसडीएम पराग जैन और नगरपालिका की ओर से सीएमओ दुर्गा बामनिया की मौजूदगी में की गई।

इस कार्रवाई का सबसे बड़ा एंगल छात्रावास की बिल्डिंग से भी बड़ा है। प्रशासनिक कार्रवाई में करीब एक हजार करोड़ रुपये कीमत की जमीन को मुक्त कराने की बात सामने आ रही है। यही वजह है कि जमीन और उसके उपयोग को लेकर चल रहा विवाद अब बड़े प्रशासनिक एक्शन में बदल गया है।

खाली कराया गया छात्रावास फिर चले बुलडोजर 

कार्रवाई से पहले छात्रावास को खाली कराया गया और विद्यार्थियों को बाहर निकाला गया। इसके बाद मशीनों से भवन को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मौके पर पांच बुलडोजरों की मौजूदगी ने कार्रवाई का पैमाना साफ कर दिया।

एसडीएम पराग जैन की मौजूदगी में प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ी, जबकि नगरपालिका का अमला भी मौके पर रहा। प्रशासन की कार्रवाई का आधार संबंधित जमीन और भवन के कब्जे/उपयोग से जुड़े प्रशासनिक रिकॉर्ड और आदेश बताए जा रहे हैं। हालांकि कार्रवाई के पूरे कानूनी आधार और संबंधित आदेश की जानकारी सामने आना इस मामले में महत्वपूर्ण रहेगा।

कालिदास शिक्षा समिति के ट्रस्टी ने उठाये सवाल 

वहीं दूसरी तरफ कालिदास शिक्षा समिति के ट्रस्टी रमेश जायसवाल ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि छात्रावास की जमीन समिति ने खरीदी थी, यह लीज की जमीन नहीं है और समिति लगातार संपत्ति कर भी जमा करती रही है। उनका यह भी दावा है कि भवन निर्माण और संचालन के लिए नगरपालिका से पूर्व में अनुमति ली गई थी।

जायसवाल के मुताबिक जमीन और भवन को लेकर न्यायालय में मामला भी उठाया गया है और उनका कहना है कि विवाद अभी विचाराधीन है। उन्होंने यह भी कहा है कि सक्षम आदेश होने पर वे कानून के अनुसार जगह खाली करने के लिए तैयार हैं।

कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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