फ्लाइंग टीम-खनिज विभाग के पीछा करते ही सड़क पर रेत गिराकर भागा हाइवा, सिंगरौली पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल


सिंगरौली जिले के कोतवाली वैढ़न क्षेत्र में रेत के कथित अवैध परिवहन को लेकर पुलिस की निगरानी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। क्षेत्र में रेत से लदे ट्रैक्टरों और हाइवा की कथित आवाजाही के बीच एक मामला सामने आया है, जहां मुखबिर की सूचना पर खनिज विभाग और फ्लाइंग टीम ने रेत से लदे एक हाइवा का पीछा कर उसे पकड़ने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि टीम की कार्रवाई की भनक लगते ही चालक ने गनियारी स्थित वंदना हॉस्पिटल मार्ग पर रेत गिरा दी और वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।
घटनाक्रम से जुड़े वीडियो सामने आने की भी बात कही जा रही है। हालांकि वाहन की पहचान तथा परिवहन की जा रही रेत के दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ट्रैक्टरों से हाइवा तक आवाजाही पर निगरानी कितनी?
कोतवाली थाना क्षेत्र में रेत से लदे ट्रैक्टरों और हाइवा की कथित आवाजाही को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार चर्चा है। रेत के अवैध कारोबार के बीच यह सवाल महत्वपूर्ण है कि क्षेत्र में परिवहन करने वाले वाहनों की नियमित जांच और निगरानी किस स्तर पर हो रही है।
रात के अंधेरे में दौड़ते वाहन, पुलिस को भनक क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल कोतवाली पुलिस की गश्त और सूचना तंत्र को लेकर है। यदि क्षेत्र में रात के समय रेत से लदे ट्रैक्टर और हाइवा लगातार आवाजाही कर रहे हैं और खनिज विभाग को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करनी पड़ रही है, तो नियमित पुलिस गश्त के दौरान इन वाहनों की निगरानी क्यों नहीं हो पा रही?
यदि पुलिस के सूचना तंत्र को क्षेत्र में चल रहे कथित रेत कारोबार की जानकारी समय रहते नहीं मिल रही है, तो उसकी प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। वहीं, यदि जानकारी है तो अब तक कितने वाहनों की जांच या कार्रवाई हुई, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग हाइवा की पहचान, रेत के स्रोत और परिवहन दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई करते हैं या मामला सड़क पर बिखरी रेत तक ही सीमित रह जाता है।
राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट











