नीमच में दबंगों का कहर, रंजिश के चलते 4 बीघा फसल पर चलाया ट्रैक्टर, न्याय मांगने पहुंचे किसान को चौकी प्रभारी ने दी धमकी!


मध्य प्रदेश के नीमच जिले अंतर्गत सिंगोली तहसील के रतनगढ़ थाना क्षेत्र स्थित लालपुरा (जाट चौकी) में दबंगई और खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। पुरानी रंजिश और भूमि विवाद के चलते दबंगों ने रात के अंधेरे में एक गरीब किसान की करीब 4 बीघा खेत में खड़ी सरसों की फसल को ट्रैक्टर चलाकर रौंद दिया। हैरानी की बात यह है कि मदद की गुहार लेकर पुलिस के पास पहुंचे पीड़ित किसान को न्याय मिलने के बजाय चौकी प्रभारी की फटकार और कथित धमकियां झेलनी पड़ीं।
पीड़ित किसान कल्लू पिता जगदीश रेबारी (निवासी लालपुरा) ने टप्पा तहसील और पुलिस प्रशासन को दिए शिकायती आवेदन में बताया कि उनकी भूमि का विवाद न्यायालय और रतनगढ़ टप्पा तहसील में विचाराधीन है।
किसान के अनुसार, 4-5 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब 2 बजे प्रकाश पिता गिरवर रेबारी और राजस्थान (चित्तौड़गढ़, सावा) से आए गगन सहित 20 से 25 लोग ट्रैक्टर और हथियारों के साथ खेत में घुसे। उपद्रवियों ने करीब एक-डेढ़ महीने पुरानी 4 बीघा सरसों की फसल को पूरी तरह रौंद दिया और बाड़-खंभे तोड़ डाले। इससे किसान को लगभग 2 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
शाम को गांव में दहशत, रात को काटी फसल
पीड़ित ने बताया कि घटना से पहले शाम करीब 8 बजे ही दो कारों और बाइकों पर सवार होकर आए बदमाशों ने लाठी-डंडों के साथ खेत और गांव में उत्पात मचाया था और दहशत फैलाई थी। किसान ने पहले ही पुलिस चौकी जाकर आशंका जताई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि 100 नंबर पर बार-बार कॉल करने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंची।
न्याय मांगने गए किसान को चौकी प्रभारी ने धमकाया!
पीड़ित किसान ने कहा कि घटना के बाद जब वप पुलिस चौकी पहुंचा, तो वहां चौकी प्रभारी नरेंद्र सिंह राठौर का रवैया असंवेदनशील रहा। चौकी प्रभारी ने उसको ही उल्टा धमका दिया इसका एक ऑडियो भी सामने आया है, सामने आए एक ऑडियो के अनुसार, चौकी प्रभारी ने बर्बाद हुई फसल पर कार्रवाई करने के बजाय किसान को ही कथित तौर पर डराया-धमकाया और कागजात लाने का दबाव बनाकर मामले को टालने का प्रयास किया।
किसान ने की ये तीन मांगें
पीड़ित किसान की मांग है कि लहलहाती फसल रौंदने और दहशत फैलाने वाले सभी नामजद व अन्य उपद्रवियों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई हो, नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाए और उसे धमकाने और मनमानी करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।











