सिंहस्थ-2028 के कामों को लेकर सख्त प्रशासन, ठेकेदार पर लगाई पेनल्टी, गुणवत्ता से समझौता न करने के निर्देश


उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर निर्माण कार्यों का दौर चल रहा है। 2028 में आने वाला ये महापर्व ज्यादा दूर नहीं है। इसे लेकर प्रशासन भी अब सख्त नजर आ रहा है। चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता पर सख्ती करना शुरू कर दी गई है।
निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा अलग अलग क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिए पहुंचे। ऐसे में कुछ मार्गों पर जब काम धीमा मिला तो उन्होंने ठेकेदार पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल्द से जल्द काम निपटाने को भी कहा है।
निर्माण को लेकर सख्त नगर निगम
निगम आयुक्त सिंहस्थ 2028 के मार्गों और अमृत 2 सीवरेज प्लांट का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। जगह उन्होंने पंचमुखी हनुमान से जंतर मंतर तक बन रहे रोड का काम देखा तो वो समय के मुताबिक पूरा नजर नहीं आ रहा था। ऐसे में ठेकेदार पर 5 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया।
आयुक्त डी मार्ट से सिकंदरी एसआर-4 मार्ग का निरीक्षण करने भी पहुंचे। 1.5 किमी लंबा ये मार्ग 17 करोड़ की लागत से 18 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। उन्होंने 36 करोड़ की लागत से 30 मीटर चौड़े किए जा रहे 2 किमी से ज्यादा लंबे जीवनखेड़ी सिकंदरी एमआर-21 मार्ग भी देखा। इन सभी का काम समय पर पूरा करने को कहा गया है।
समय सीमा और गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश
निगम आयुक्त की ओर से अधिकारियों और ठेकेदारों को साफ तौर पर बता दिया गया है कि किसी भी काम की समय सीमा को नहीं बढ़ाया जाएगा। गुणवत्ता से भी किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। पंचमुखी हनुमान से जंतर मंतर के बीच चल रहे निर्माण कार्य के जायजे के दौरान पर्याप्त मजदूर नहीं थे और काम भी धीमा था। यही वजह रही कि यहां जुर्माना लगाया गया। आयुक्त ने जिन जगहों पर काम धीमा है वहां अतिरिक्त संसाधन और मजदूर लगाकर काम तेज किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता ना करने को भी कहा।











