नीमच में पटवारियों का विरोध, स्वामित्व रजिस्ट्री विवाद में निलंबन पर फूटा गुस्सा, अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू


स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि की रजिस्ट्री निष्पादन को लेकर नीमच जिला प्रशासन और राजस्व अमला आमने-सामने आ गया है। जिले में कार्य में लापरवाही और धीमी प्रगति का हवाला देते हुए हाल ही में तीन पटवारियों के खिलाफ की गई निलंबन की दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। कार्रवाई को एकतरफा और विधि-विरुद्ध बताते हुए जिले भर के पटवारी शुक्रवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक तीनों पटवारियों का निलंबन आदेश रद्द नहीं होता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
नीमच जिले में स्वामित्व योजना के अंतर्गत आबादी भूमि के अभिलेख तैयार करने और पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री निष्पादित करने को लेकर प्रशासनिक समीक्षा बैठक हुई थी। लक्ष्य पूरा न होने और काम में विलंब पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए हालिया समीक्षा के उपरांत संबंधित क्षेत्र के 3 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। प्रशासनिक स्तर पर की गई इस अचानक कार्रवाई से पूरे राजस्व महकमे में आक्रोश फैल गया। पटवारियों का कहना है कि जमीनी हकीकत, पोर्टल की तकनीकी खामियों, सर्वर की दिक्कतों और आबादी क्षेत्र के सीमांकन में आने वाली व्यावहारिक विसंगतियों को समझे बिना ही कर्मचारियों को सीधे बलि का बकरा बनाया गया है।
प्रदेश स्तर पर भी उठ चुका है मुद्दा
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के अनुसार, स्वामित्व रजिस्ट्री को लेकर पटवारियों पर दबाव बनाने और उन पर कार्रवाई करने का यह पहला मामला नहीं है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह के मनमाने आदेशों और दंडात्मक कदमों के खिलाफ संघ प्रांतीय स्तर पर शासन को पहले ही ज्ञापन सौंप चुका है। इसके बावजूद नीमच जिले में जमीनी वस्तुस्थिति की जांच किए बिना तीन कर्मचारियों को निलंबित करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत और दुर्भाग्यपूर्ण है।
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन, कामकाज ठप
हड़ताल के पहले ही दिन नीमच, मनासा और जावद तहसील सहित जिले की सभी तहसीलों के पटवारी जिला मुख्यालय पर एकत्र हुए। पटवारियों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कलमबंद हड़ताल के चलते जिले के राजस्व न्यायालयों, नामांतरण, बंटवारा, ई-केवाईसी, गिरदावरी सत्यापन और सीमांकन सहित आम जनता से जुड़े तमाम राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
निलंबन की कार्रवाई विधि विरुद्ध, वापसी पर अड़ा संघ
मध्यप्रदेश पटवारी संघ, नीमच के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह चुंडावत का कहना है कि स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री निष्पादन को लेकर हमारे 3 पटवारी साथियों पर निलंबन की जो कार्रवाई की गई है, वह पूरी तरह से विधि-विरुद्ध और अन्यायपूर्ण है। तकनीकी समस्याओं और व्यावहारिक अड़चनों को नजरअंदाज कर सीधे कर्मचारियों को निलंबित कर देना कतई स्वीकार्य नहीं है। इस विषय पर पूरे प्रदेश में विरोध दर्ज कराया जा चुका है फिर भी नीमच में यह दंडात्मक रवैया अपनाया गया। जब तक हमारे तीनों साथियों का निलंबन आदेश ससम्मान वापस नहीं लिया जाता, तब तक जिले का कोई भी पटवारी काम पर नहीं लौटेगा। हमारी कलमबंद हड़ताल और धरना प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा।
कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट











