देवास माता टेकरी पर नवरात्रि के पहले दिन उमड़ी भीड़, मेडिकल कैंप में डॉक्टर नहीं मिलने पर नाराज हुए श्रद्धालु

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन देवास की प्रसिद्ध माता टेकरी पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एक तरफ जहां सुबह से ही मां के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बड़ी लापरवाही सामने आ गई। कुछ बालिकाओं को अचानक घबराहट और बेचैनी होने पर परिजन उन्हें तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कैंप ले गए, लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला।

कैंप में केवल एक एंबुलेंस खड़ी हुई थी, जिससे परेशान परिजनों को बच्चों की मदद के लिए खुद ही भागदौड़ करनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, सुबह 7:50 बजे तक भी स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। जबकि हर साल नवरात्रि के दौरान माता टेकरी पर रोजाना देश-विदेश और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं का इस तरह गायब मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।

ड्यूटी के निर्देश के बावजूद नदारद रही स्वास्थ्य टीम

दरअसल, माता टेकरी पर बनाए गए मेडिकल कैंप में स्वास्थ्य विभाग की टीम के न मिलने के मामले में टेकरी प्रभारी एवं नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को पहले ही स्पष्ट निर्देश देकर टीम की ड्यूटी लगाने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि आखिर तय समय पर मेडिकल टीम मौके पर क्यों नहीं पहुंची और उस दौरान हालात कैसे बने थे।

बैरिकेडिंग और लंबी कतारों के बीच हुए दर्शन

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग के बीच श्रद्धालुओं को रुक-रुककर आगे बढ़ना पड़ा। मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए लोगों को करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। कई श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी करने के लिए घुटनों के बल चलकर माता के दरबार तक पहुंचे, तो वहीं कुछ अभिभावक अपने छोटे बच्चों को कंधों पर बैठाकर दर्शन कराने आए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठी उंगली

भले ही प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता दावे किए हों, लेकिन पहले ही दिन स्वास्थ्य कैंप के खाली मिलने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली। जानकारों का कहना है कि इतने बड़े धार्मिक मेले में जहां लाखों लोग पहुंचते हैं, वहां इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं का चौबीसों घंटे चालू रहना बेहद जरूरी है। फिलहाल, इस पूरी घटना के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर आगे की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का भारी दबाव बन गया है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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