बालाघाट में फर्जी MBBS डॉक्टर का मामला, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, पूछा- इस लापरवाही की जवाबदेही कौन लेगा?

मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। छिंदवाड़ा और बालाघाट में बच्चों की मौत के मामलों को लेकर पहले से घिरी सरकार के सामने अब बालाघाट से ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। जिले के बिरसा में पदस्थ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. सुनील सिंह के खिलाफ फर्जी MBBS डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में FIR दर्ज की गई है।

बता दें कि विपक्ष बच्चों की मौत के मामलों को लेकर सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच फर्जी डिग्री के आधार पर डॉक्टर के सरकारी पद पर नियुक्ति का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं। वहीं अब, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फर्जी डॉक्टर मामले में सरकार को आड़े हाथ लिया है।

फर्जी MBBS डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे डॉ. सुनील कुमार सिंह का भंडाफोड़ होने के बाद अब कांग्रेस को एक नया मुद्दा मिल गया है। उमंग सिंघार ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर सीएम डॉ. मोहन यादव से सवाल पूछा है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक व्यक्ति 17 सालों से सरकारी मेडिकल ऑफिसर की नौकरी कर रहा था और सरकार इस बात से कैसे बेखबर थी?

बच्चों की मौत और फर्जी डॉक्टर के मामले पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सीएम मोहन यादव से सवाल किया है कि बच्चों की मौतों के लिए जिम्मेदार बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही कौन लेगा? उन्होंने कहा कि बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव के कारण 32 से अधिक बच्चों की मौत हो गई। अब बिरसा में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात रहे सुनील कुमार सिंह के दस्तावेज फर्जी पाये गये हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक व्यक्ति 17 साल तक सरकारी मेडिकल ऑफिसर के पद पर नौकरी करता रहा और सरकार बेखबर रही।

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि.. बालाघाट में बच्चों की मौत भाजपा सरकार के स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। उन्होंने सीएम मोहन यादव से सवाल किया कि.. मासूमों की मौतों और सरकारी तंत्र की इस लापरवाही की जवाबदेही कौन लेगा? उन्होंने पूछा कि सिर्फ एफआईआर दर्ज करने से क्या होगा और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई कब की जाएगी?

BMO डॉ. सुनील कुमार सिंह की डिग्री निकली फर्जी

बता दें कि बालाघाट में के बिरसा में पदस्थ BMO डॉ. सुनील कुमार सिंह का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जानकारी अनुसार, सुनील कुमार पिछले 17 सालों से फर्जी MBBS की डिग्री के आधार पर सरकारी डॉक्टर की नौकरी कर रहे थे। शिकायत के बाद जब उन पर जांच बैठाई गई तो पांच महीने तक चली लंबी और गहन जांच के बाद डॉ. सुनील सिंह की MBBS डिग्री और मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह फर्जी पाया गया। खबर है कि राज्य शासन से आदेश मिलते ही बिरसा थाना पुलिस ने आरोपी पूर्व बीएमओ के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।

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पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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