विदिशा में फोन पर बात करते कांस्टेबल की बाइक मोपेड से भिड़ी, महिला का पैर फ्रैक्चर


मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक चौका देने वाली खबर सामने आई है, जहां कानून व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मी की लापरवाही की वजह से एक बड़ा हादसा हो गया। शुक्रवार की शाम रामद्वारा इलाके में बाइक चलाते समय मोबाइल पर बात कर रहे एक पुलिस आरक्षक ने मोपेड सवार महिला और उसकी चार साल की मासूम बच्ची को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में महिला के पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
मोपेड से घर लौट रही थी महिला
आज्ञाराम कॉलोनी की रहने वाली रीना पत्नी चंदन सिंह शुक्रवार शाम अपनी चार साल की बच्ची को मोपेड पर बैठाकर अपने घर लौट रही थीं। वे जैसे ही रामद्वारा इलाके के पास पहुंचीं, तभी सामने से आ रहे एक बाइक सवार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे में महिला का पैर टूटा
इस सड़क हादसे में रीना के एक पैर में दो जगह गंभीर फ्रैक्चर आया है और वे बुरी तरह घायल हो गईं। वहीं राहत की बात यह रही कि उनकी चार साल की मासूम बेटी इस हादसे में बाल-बाल बच गई और उसे मामूली चोटें आईं। डॉक्टरों का कहना है कि महिला को ठीक होने में काफी समय लगेगा, क्योंकि चोट काफी गहरी और गंभीर है।
पिछले साल भर्ती हुआ पुलिस आरक्षक था आरोपी
घटना के बाद जब स्थानीय लोगों और परिजनों ने पड़ताल की तो पता चला कि टक्कर मारने वाला युवक कोई आम नागरिक नहीं था। आरोपी की पहचान पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक आशीष के रूप में हुई है, जिसकी भर्ती पिछले साल ही पुलिस सेवा में हुई थी।
समाजसेवियों ने पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद सड़क पर तड़प रही घायल महिला और बच्ची को देखकर युवा समाजसेवी आदर्श तिवारी अपने साथियों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने मानवता दिखाते हुए रीना को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। शनिवार को पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित महिला का बयान दर्ज कर लिया है और आरोपी आरक्षक की तलाश के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।











