17 दिन की शांति के बाद फ्रांस में फिर क्यों भड़का विरोध?
फ्रांस में 17 दिन की शांति के बाद एक बार फिर बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। गुरुवार को राजधानी पेरिस समेत देश के कई शहरों में ट्रेड यूनियन और स्टूडेंट यूनियन के हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरेंगे। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की नीतियों के खिलाफ इस प्रदर्शन को इस साल का सबसे बड़ा आंदोलन माना जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों की तीन प्रमुख मांगें हैं। पहली, बढ़ती महंगाई से राहत, दूसरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और तीसरी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी व अन्य समस्याओं का समाधान। इससे पहले 17 और 18 अक्टूबर को भी फ्रांस में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था।
इस बार प्रदर्शन को देखते हुए फ्रांस सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे देश में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि पेरिस के बाहर होने वाले प्रदर्शनों में 5 से 7 लाख लोग शामिल हो सकते हैं।
ऐसे में एक बार फिर फ्रांस की सड़कों पर बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है और यह राष्ट्रपति मैक्रों के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित हो सकता है।



