MP में पतंजलि घी का एक बैच असुरक्षित, पूरे स्टॉक को बाजार से हटाने के आदेश, छिंदवाड़ा से लिए गए सैंपल से जुड़ा है मामला


मध्य प्रदेश के खाद्य एवं औषधि विभाग ने 8 अक्टूबर 2026 को पतंजलि के Cow’s Ghee Pack 200 ML के बैच नंबर FAWB260017 को लेकर रिकॉल आदेश जारी किया है। विभाग के मुताबिक यह बैच अप्रैल 2026 में बनाया गया था। जांच में इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत असुरक्षित पाया गया है। वहीं आदेश के बाद प्रदेश के बाजारों में इस बैच का स्टॉक हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी और कहीं बिक्री के लिए उपलब्ध मिलने पर उसे तत्काल जब्त किया जा सकेगा।
दरअसल मामला छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र का है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 10 अगस्त 2026 को देलाखारी स्थित अनिल किराना से पतंजलि गाय के घी का 200 ML पैक सैंपल के तौर पर लिया था। सैंपल बैच नंबर FAWB260017 का था। इसकी जांच भोपाल की कैलि लैब प्राइवेट लिमिटेड में कराई गई। 21 सितंबर को जारी जांच रिपोर्ट में इस बैच को असुरक्षित बताया गया।
बाजार से पूरा स्टॉक हटाने के निर्देश
वहीं जांच रिपोर्ट के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित बैच की बिक्री, वितरण और सप्लाई तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं। आदेश के तहत बाजार, वितरकों, थोक विक्रेताओं और खुदरा दुकानों पर उपलब्ध बैच FAWB260017 के पूरे स्टॉक की पहचान कर उसे वापस लेने को कहा गया है। यानी जिस भी जगह इस बैच का घी उपलब्ध है उसे बिक्री से हटाकर रिकॉल प्रक्रिया के तहत वापस लेना होगा। दरअसल विभाग के आदेश में वापस लिए गए घी को बाकी खाद्य सामग्री से अलग रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस स्टॉक पर ‘खाद्य वापसी बिक्री के लिए नहीं’ का साफ निशान लगाना होगा ताकि इसे दोबारा सामान्य बिक्री में न भेजा जा सके। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के रिकॉल किए गए घी को फिर से बाजार में भेजने की अनुमति नहीं होगी।
वहीं निर्माता को अपने सभी वितरकों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को इस रिकॉल की जानकारी तुरंत देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर प्रभावित उपभोक्ताओं को भी इसकी जानकारी देने को कहा गया है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित बैच को बाजार से हटाकर उसकी आगे की बिक्री रोकना है।
24 घंटे में देना होगा पूरा हिसाब
दरअसल खाद्य सुरक्षा विभाग ने निर्माता को रिकॉल की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी तय समय में उपलब्ध कराने को कहा है। कंपनी को संबंधित बैच की कुल उत्पादन मात्रा, कितनी मात्रा वितरित की गई, बाजार में कितना स्टॉक मौजूद है और कितनी मात्रा वापस प्राप्त हुई, इसका पूरा रिकॉर्ड तैयार करना होगा।जानकारी के मुताबिक यह जानकारी संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को अधिकतम 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे विभाग को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि संबंधित बैच की कितनी मात्रा बाजार में भेजी गई थी और रिकॉल के बाद कितनी मात्रा वापस आ चुकी है।
विभाग रिकॉल की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा और इसकी जानकारी FOSCOS पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि अगर कोई विक्रेता या संबंधित पक्ष रिकॉल प्रक्रिया में सहयोग नहीं करता है या असुरक्षित घोषित किए गए इसी बैच की बिक्री जारी रखता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत अलग से कार्रवाई की जाएगी।











