नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, पचरुखिया जंगल से विस्फोटक और हथियार बरामद

औरंगाबाद: सीमावर्ती औरंगाबाद एवं गया जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. सर्च अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को जंगल में छिपाकर रखे गए दो कमांड आईईडी मिले, जिनका वजन ढाई-ढाई किलो बताया जा रहा है.

इसके अलावा एक देसी बंदूक, एक देसी कट्टा, एक जिंदा राउंड कारतूस और अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री भी बरामद की गई है. यह कार्रवाई डुमरिया प्रखंड अंतर्गत छकरबंधा थाना क्षेत्र के पचरुखिया जंगल से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए हैं.

इससे साफ है कि किसी बड़ी नक्सली वारदात की फिराक में थे. सुरक्षाबलों का मानना है कि बरामद विस्फोटकों का इस्तेमाल किसी बड़े हमले में किया जा सकता था. इसी को देखते हुए जिला पुलिस और केंद्रीय बलों ने नक्सली गतिविधियों से जुड़े इनपुट के आधार पर अति-संवेदनशील और जंगली इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की है.

डॉग स्क्वाड, मेटल डिटेक्टर और आधुनिक उपकरणों की मदद से लगातार निगरानी रखी जा रही है, साथ ही नियमित रूप से सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. मंगलवार को जिला पुलिस और सीआरपीएफ की 47वीं बटालियन की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया. यह अभियान छकरबंधा थाना क्षेत्र से दक्षिण और पश्चिम दिशा में फैले पचरुखिया के घने जंगलों में करीब पांच घंटे तक चला.

अभियान के दौरान बरामद किए गए दोनों कमांड आईईडी को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही डिफ्यूज कर दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की आशंका टल गई। हथियार और सामग्री को जब्ती सूची में दर्ज कर स्थानीय थाना पुलिस को सौंप दिया गया है.

औरंगाबाद स्थित सीआरपीएफ 47वीं बटालियन के कंपनी कमांडेंट अवधेश कुमार सिंह के निर्देशन में ऑपरेशन चलाया गया. जबकि स्थानीय स्तर पर कमांडेंट धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई सफलतापूर्वक हुई। कंपनी कमांडेंट ने बताया कि, सीआरपीएफ को सीमावर्ती इलाके में स्थित छकरबंधा के जंगली इलाके में नक्सलियों के आवाजाही की खुफिया इनपुट मिली थी, जिसके आधार पर छापेमारी की गई.

अब एक बार फिर जंगल से विस्फोटक और हथियारों की बरामदगी इस बात के संकेत दे रही है कि नक्सली संगठन इलाके में दोबारा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे. वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे. इस संबंध में सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पचरुखिया के जंगल में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है. जंगल से विस्फोटक सामग्री मिलना इस बात का प्रमाण है कि नक्सली दोबारा सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षाबल पूरी तरह सतर्क हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.