गृह निर्माण मंडल में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, उपायुक्त और लिपिक 65 हजार लेते गिरफ्तार

अंबिकापुर में गृह निर्माण मंडल कार्यालय में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने निर्माण कार्यों के भुगतान और समय सीमा बढ़ाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए उपायुक्त और एक लिपिक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, ठेकेदार रवि कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों का भुगतान और अंतिम प्रक्रिया पूरी करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। वर्ष 2023 में उसे नवीन तहसील भवन और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष निर्माण का ठेका मिला था। कार्य पूरा होने के बाद भी करीब 35 लाख रुपये का भुगतान लंबित था।

आरोप है कि भौतिक सत्यापन और समयावधि बढ़ाने की अनुशंसा के बदले उपायुक्त पूनम चंद अग्रवाल ने एक लाख रुपये की मांग की थी। बाद में 60 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने सत्यापन कराया और कार्रवाई की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार, रिश्वत की राशि सीधे उपायुक्त को न देकर वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा के माध्यम से लेने की व्यवस्था की गई थी। बाद में रकम बढ़ाकर 65 हजार रुपये कर दी गई। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने चिन्हित नोट अनिल सिन्हा को सौंपे, जिन्होंने उसमें से 5 हजार रुपये अपने पास रख लिए और शेष राशि उपायुक्त को दे दी।

संकेत मिलते ही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने छापा मारकर दोनों आरोपितों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उपायुक्त के पास से 60 हजार रुपये और लिपिक के पास से 5 हजार रुपये बरामद किए गए।

फिलहाल दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।