प्रधानमंत्री आवास योजना में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, बिलासपुर बना देशभर में नंबर वन

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने देशभर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में केवल 10 महीनों के भीतर राज्य ने रिकॉर्ड पांच लाख आवासों का निर्माण कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता में बिलासपुर जिला सबसे आगे रहा और प्रदेश के साथ-साथ देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।
बिलासपुर जिले ने इस वर्ष 39,844 आवासों का निर्माण कर पहला स्थान प्राप्त किया है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी जिले ने 40 हजार आवासों का लक्ष्य पूरा किया था। लगातार दो वर्षों से शीर्ष स्थान बनाए रखना जिले की प्रशासनिक दक्षता और बेहतर कार्ययोजना को दर्शाता है।
आंकड़ों के अनुसार, मानसून जैसी चुनौतियों के बावजूद राज्य में प्रतिदिन औसतन 1600 से अधिक आवासों का निर्माण किया गया। इस उपलब्धि में बिल्हा और मस्तूरी जनपद पंचायतों की भूमिका अहम रही। ग्रामीण क्षेत्रों के सक्रिय सहयोग से लक्ष्य को समय पर पूरा किया गया।
बिलासपुर के बाद महासमुंद, बलरामपुर, कोरबा और रायगढ़ जिलों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन गति और गुणवत्ता के मामले में बिलासपुर सबसे आगे रहा। यह सफलता जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता और लाभार्थियों तक समय पर आवास पहुंचाने की सोच का परिणाम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पहली किस्त का भुगतान, सभी किस्तों का नियमित वितरण, मनरेगा मजदूरी का त्वरित भुगतान, निर्माण सामग्री की आसान उपलब्धता और महिला मिस्त्रियों की भागीदारी जैसे कारणों से यह उपलब्धि संभव हो पाई।
जिला पंचायत के अधिकारियों का कहना है कि जनपद पंचायतों के बेहतर समन्वय और टीमवर्क से हजारों गरीब परिवारों को पक्के घर का सपना पूरा करने का अवसर मिला है। आने वाले समय में भी इस गति को बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है।











