शब-ए-बरात की मुकद्दस रात में डूबा फतेहपुर, मस्जिदों से कब्रिस्तानों तक अकीदत का सैलाब

फतेहपुर : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में शब-ए-बरात का पर्व पूरे अकीदत, एहतराम और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया.जिले के फतेहपुर शहर, खागा, हथगाम, हुसैनगंज, बिंदकी, जहानाबाद समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस मुकद्दस रात को लेकर खास रौनक देखने को मिली.मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, वहीं लोगों ने रातभर जागकर इबादत, तिलावत-ए-कुरआन और दुआ के जरिए अल्लाह से रहमत, मगफिरत और अपने गुनाहों की माफी मांगी.

रातभर इबादत, कब्रिस्तानों में फातिहा—हर तरफ अकीदत का माहौल

शब-ए-बरात की रात जनपद भर में धार्मिक माहौल चरम पर रहा.अकीदतमंदों ने नफ्ल नमाज, दरूद-ओ-सलाम, कुरआन ख्वानी और दुआओं में रात गुजारी. कई इलाकों में लोग कब्रिस्तानों में जाकर फातिहा पढ़ते नजर आए और अपने बुजुर्गों व मरहूम रिश्तेदारों के लिए दुआ की.

धार्मिक मान्यता: “रहमत और बख्शिश की रात”

इस पर्व को लेकर इस्लाम धर्म में गहरी मान्यता है कि शब-ए-बरात की रात अल्लाह की खास रहमत बरसती है.धार्मिक विद्वानों के अनुसार यह रात गुनाहों की माफी, रिज़्क में बरकत, बुराइयों से बचाव और अगले साल की तकदीर से जुड़ी मानी जाती है.इसी वजह से इसे मगफिरत की रात भी कहा जाता है.

इलाके में सुरक्षा व्यवस्था रही चौकस

शब-ए-बरात को लेकर फतेहपुर पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड में रहा.संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई, मस्जिदों और प्रमुख चौराहों पर निगरानी रखी गई ताकि पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो.

शहर से गांव तक दिखी एकता और भाईचारा

इस मौके पर जिले में सांप्रदायिक सौहार्द की भी मिसाल देखने को मिली। हर क्षेत्र में लोग अमन और भाईचारे के साथ पर्व मनाते दिखे.

कुल मिलाकर शब-ए-बरात की यह रात फतेहपुर जनपद के लिए इबादत, अकीदत और अमन का पैगाम बनकर सामने आई.

close