छत्तीसगढ़ में निवेश और रोजगार को रफ्तार, एक साल में ₹13,690 करोड़ के प्रस्ताव, 12 हजार नौकरियों की उम्मीद

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को कौशल विकास से जोड़ते हुए सरकार ने निवेश को नई गति दी है। पिछले एक वर्ष में राज्य को 200 से अधिक परियोजनाओं के जरिए बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से कई परियोजनाएं अब कार्यान्वयन के चरण में पहुंच चुकी हैं। इसी कड़ी में 23 दिसंबर को छत्तीसगढ़ स्किल टेक का आयोजन किया गया, जिसे राज्य के औद्योगिक और कौशल-आधारित विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए और निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनसे राज्य में करीब 12,000 नए रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। ये निवेश खासतौर पर कौशल-आधारित उद्योगों को मजबूती देने वाले बताए जा रहे हैं।

निवेश प्रस्तावों में गेल का गैस आधारित उर्वरक संयंत्र सबसे प्रमुख परियोजना के रूप में सामने आया है। इस परियोजना में पहले चरण में लगभग 10,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है और इसकी उत्पादन क्षमता 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी। यह परियोजना छत्तीसगढ़ को पेट्रोकेमिकल और उर्वरक क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने वाली मानी जा रही है।

यह संयंत्र मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन से जुड़ा होगा और राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए 100 एकड़ भूमि पर टाउनशिप विकसित करने की योजना भी है। परियोजना के शुरू होने के बाद लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है, जबकि तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को एक साथ आगे बढ़ाने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्किल टेक जैसे मंच निवेशकों के भरोसे को वास्तविक परिणामों में बदलने का माध्यम बन रहे हैं, जिससे राज्य के युवाओं को दीर्घकालिक और गुणवत्तापूर्ण रोजगार मिल सके।

गेल के अलावा परिधान, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी निवेशकों की रुचि देखने को मिली। कार्यक्रम में जशपुर स्थित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी उद्योग-प्रेरित कौशल विकास की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

सरकार के मुताबिक, कार्यान्वयन में चल रही परियोजनाओं में से बड़ी संख्या राज्य के प्राथमिक औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी हैं और ये निवेश छत्तीसगढ़ के 26 जिलों में फैले हुए हैं। इससे यह साफ है कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास के साथ क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास पर भी जोर दे रही है।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ स्किल टेक के जरिए राज्य ने यह संदेश दिया है कि औद्योगिक निवेश और कौशल विकास को साथ लेकर चलने से ही युवाओं के लिए स्थायी रोजगार और मजबूत अर्थव्यवस्था का रास्ता तैयार किया जा सकता है।

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