साइना नेहवाल पति कश्यप से हुईं अलग, जानें तलाक और सेपरेशन में क्या होता है फर्क

भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने शादी के 7 साल बाद पति पारुपल्ली कश्यप से आपसी सहमति के साथ अलग होने का फैसला किया है। साइना नेहवाल ने इस बात की जानकारी रविवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करके दी। साइना ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘जिंदगी हमें कभी-कभी अलग दिशाओं में ले जाती है। बहुत सोच-विचार के बाद कश्यप पारुपल्ली और मैंने अलग होने का फैसला किया है। हम एक-दूसरे के लिए शांति, विकास और हीलिंग का विकल्प चुन रहे हैं। मैं उन यादों के लिए आभारी हूं और आगे के लिए शुभकामनाएं देती हूं। इस दौरान हमारी निजता को समझने और उसका सम्मान करने के लिए धन्यवाद।’ हालांकि साइना ने अपनी इस पेस्ट में तलाक का जिक्र नहीं किया, लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में उनके तलाक की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि सेपरेशन और तलाक के बीच आखिर क्या फर्क होता है। आइए जानते हैं।
सेपरेशन और तलाक के बीच क्या है बड़ा फर्क
भारत में कई बार लोग इन दोनों शब्दों का एक ही मतलब समझ लेते हैं। लेकिन कानूनी भाषा में इन दोनों शब्दों का अलग-अलग मतलब होता है। तलाक लेने पर पति-पत्नी का रिश्ता पूरी तरह खत्म हो जाता है, जबकि ज्यूडिशियल सेपरेशन का मतलब होता है कि कोर्ट की अनुमति से पति-पत्नी कुछ समय के लिए अलग रह सकते हैं, लेकिन कानूनी रूप से पति-पत्नी ही बने रहते हैं। यह एक तरह का ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ होता है जिसमें दोनों को सोचने का समय मिलता है कि वे भविष्य में साथ रहना चाहते हैं या नहीं।
किन स्थितियों में पति-पत्नी लेते हैं ज्यूडिशियल सेपरेशन
झगड़े
जब पति-पत्नी के बीच झगड़े, तनाव और दूरियां इतनी ज्यादा बढ़ जाए कि उनके लिए साथ रहना मुश्किल हो रहा हो लेकिन वो एक दूसरे से तलाक नहीं लेना चाहते हो, तो ऐसा कपल ज्यूडिशियल सेपरेशन के लिए कोर्ट में याचिका दायर कर सकता है। यह एक तरह का कानूनी तरीका है जिसमें कोर्ट की अनुमति से दोनों लोग कुछ समय के लिए अलग रहकर भविष्य में साथ रहना है कि नहीं, इसका फैसला करते हैं।
शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना
अगर पति या पत्नी, शारीरिक या मानसिक रूप से अपने पार्टनर को प्रताड़ित करते हो, किसी एक ने धर्म परिवर्तन कर लिया हो, या मानसिक बीमार हो, तो पति-पत्नी कोर्ट में जाकर ज्यूडिशियल सेपरेशन के लिए अर्जी दे सकते हैं।
एक्सट्रा मैरिटल अफेयर
किसी एक का एक्सट्रा मैरिटल अफेयर हो, पार्टनर दूसरे को बिना बताए छोड़कर चला जाए, या वैवाहिक जिम्मेदारियां न निभा रहा हो, तो भी पति-पत्नी कोर्ट में जाकर ज्यूडिशियल सेपरेशन के लिए अर्जी दे सकते हैं।










