फतेहपुर में रफ्तार का कहर: ट्रैक्टर-कार भिड़ंत में दो की दर्दनाक मौत, शादी की खुशियां मातम में बदली

फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में गुरुवार सुबह तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया. थाना आसोथर क्षेत्र के सिंघुतारा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर और डिजायर कार की आमने-सामने की भिड़ंत में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है. हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर की रफ्तार बेकाबू थी. टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार, अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी गई. हादसे में मृतक की पहचान सतीश कुमार उर्फ सोनू (28) पुत्र पप्पू, निवासी टिंडा रोड, सेमराला ताजपुर, जिला लुधियाना (पंजाब) के रूप में हुई है.

सतीश अपने रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने असोथर क्षेत्र के जरौली गांव आए थे. गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह परिवार के साथ बाजार जा रहे थे, तभी मौत बनकर आ रहे ट्रैक्टर ने कार को टक्कर मार दी. अस्पताल ले जाते समय राजकुमार की मौके पर मौत हो गई, जबकि जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सतीश ने भी दम तोड़ दिया. गंभीर रूप से घायल मोहित को कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.

इकलौते बेटे की मौत से उजड़ा परिवार

मृतक सतीश अपने पीछे पत्नी राजनंदनी उर्फ प्रेरणा, तीन साल का मासूम बेटा कार्तिक, माता-पिता और बहनों को रोता-बिलखता छोड़ गया. इकलौते बेटे की मौत से माता-पिता बदहवास हैं और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. बताया गया कि सतीश अपने बुआ गुड़िया के बेटे दीपू उर्फ दीपक की शादी में शामिल होने आए थे. गुरुवार को ही बारात बांदा जिले के भरतकूप (चित्रकूट) जानी थी, लेकिन हादसे ने सब कुछ छीन लिया. बारात रोक दी गई, घर में मातम पसर गया. दुल्हन पक्ष के लोग खुद वर पक्ष के घर पहुंच रहे हैं.

परिजनों का आरोप: पुलिस ने की लापरवाही

मृतक की पत्नी ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ तहरीर दी है. परिजनों ने पुलिस पर मौके पर देरी और हीलाहवाली का आरोप लगाया है. वहीं पुलिस का कहना है कि भीड़ अधिक होने के कारण घायलों को निकालने में परेशानी हुई और कुछ लोग वीडियो बनाने को लेकर उलझते रहे. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

28 साल पहले भी बारात में उजड़ा था यही परिवार

ग्रामीणों के अनुसार, करीब 28 वर्ष पहले भी इसी परिवार की बारात में बड़ा हादसा हुआ था. दीपू के चाचा राधेलाल की बारात बांदा जाते समय ट्रैक्टर हादसे का शिकार हुई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी. इतिहास खुद को दोहराता दिखा, जिससे गांव में सन्नाटा पसरा है.