विदिशा में कचरा कलेक्शन को लेकर हंगामा, नाराज पार्षदों ने कंपनी के बाहर फेंका कूड़ा

विदिशा को साफ रखने के लिए निजी कंपनी को ठेका देकर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था चलाई जा रही है। यह सफाई व्यवस्था हाल ही में लगभग 5 दिन तक बंद रही। इसकी वजह से लोगों को कचरा फेंकने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में नाराज पार्षदाें ने सारा कचरा उठाकर कंपनी कार्यालय के बाहर फेंक दिया।

जानकारी के मुताबिक जिस कंपनी को इस व्यवस्था के संचालन का ठेका दिया गया है। उसके ड्राइवर और हेल्परों ने काम बंद कर दिया था। वेतन नहीं मिलने की वजह से यह कदम उठाया गया था। जब 8 से 15 दिन तक कचरा वाहन नहीं पहुंचे और शिकायत के बाद भी समाधान नहीं मिला। ऐसे में पार्षदों ने ये कदम उठाया।

नहीं आ रही कचरा कलेक्शन गाड़ी

इस मामले में जानकारी देते हुए पार्षद संजय अग्रवाल ने कहा कि वाहन समय पर नहीं आ रहे हैं और टैगोर भवन परिसर को कचरा वाहनों का अड्डा बना लिया गया है। उन्होंने इसका विरोध करते हुए कंपनी का ठेका रद्द करने की मांग की है। वार्ड 34 के पार्षद प्रतिनिधि राजेश लोधी ने कहा कि कचरा कलेक्शन के लिए जनता से साल के 960 रुपए यूजर चार्ज लिया जा रहा है। इसके बावजूद भी कई जगह ऐसी है जहां 8 से 15 दिन तक कचरा वाहन नहीं पहुंच रहे हैं। जब शिकायत करने के लिए फोन किया जाता है तो कंपनी द्वारा फोन नहीं उठाया जाता।

नगर पालिका का क्या कहना

इस मामले में नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी का भुगतान ऑडिट में सामने आए आपत्तियों के कारण रुक गया था। जैसे ही इनका निराकरण होगा भुगतान कर दिया जाएगा। यह भी बताया गया कि कर्मचारियों के काम बंद करने की सूचना मिलने के बाद नगर पालिका ने अपने वाहन भेज कर साफ सफाई करवाई थी। कंपनी से बातचीत के बाद  कचरा संग्रहण फिर से शुरू कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष आशीष माहेश्वरी सहित पार्षदों का कहना है कि पुरानी व्यवस्था बेहतर थी अब निजी ठेका देने के बाद व्यवस्था बिगड़ गई है। जिससे रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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