अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले जीतू पटवारी ने सांची दुग्ध संघ को लेकर किए सवाल, पूछा “किसानों को उचित मूल्य कब मिलेगा”

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे से पहले मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सांची और प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह आज भोपाल आ रहे हैं..ऐसे में प्रदेश के दूध उत्पादक किसानों के कुछ जरूरी सवाल उनके संज्ञान में लाना चाहते हैं।

कांग्रेस नेता ने सांची को मध्यप्रदेश की पहचान बताते हुए कहा कि इसे किसी दूसरे राज्य की व्यवस्था का विस्तार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांची से जुड़े फैसलों में प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

जीतू पटवारी ने किए सवाल

जीतू पटवारी ने प्रदेश में दुग्ध सहकारी समितियों की घटती संख्या पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 2019-20 में मध्यप्रदेश में 7,811 दुग्ध सहकारी समितियां थीं, जो 2024-25 में घटकर 5,502 रह गईं। उन्होंने पूछा कि वर्तमान में इन समितियों की स्थिति क्या है और इनकी संख्या में कमी के लिए जिम्मेदार कौन है।

सदस्य संख्या घटने पर भी प्रश्न

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों की संख्या भी 2.68 लाख से घटकर करीब 2.09 लाख रह गई है। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब दुग्ध सहकारिता को मजबूत करने की बात कही जा रही है तो समितियों और उनके सदस्यों की संख्या लगातार क्यों कम हो रही है। उन्होंने 2025 में सांची की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ हुए समझौते का भी मुद्दा उठाया। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि समझौते के बाद अब तक क्या बदलाव आया है और किसानों को इसका कितना फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि दूध संकलन को 10.50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 20 लाख किलोग्राम प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया था। अब सरकार को बताना चाहिए कि इस लक्ष्य में अब तक कितनी प्रगति हुई है।

दूध के दाम और किसान की आय का हिसाब मांगा

जीतू पटवारी ने दूध के खरीद मूल्य को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों से खरीदे जाने वाले दूध की कीमत में अंतर है। ऐसे में यह साफ होना चाहिए कि किसान को उसकी लागत के मुकाबले वास्तव में कितना लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि चारा, पशु आहार, दवाइयां, पशु चिकित्सा और मजदूरी समेत पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में दूध उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ठोस योजना क्या है। कांग्रेस नेता ने उपभोक्ता और किसान के बीच दूध की कीमत के अंतर का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता जिस कीमत पर दूध खरीदता है और किसान को जिस कीमत पर भुगतान किया जाता है, उसका पूरा हिसाब सामने आना चाहिए।

‘सिर्फ प्लांट से नहीं बढ़ेगी किसान की आय’

जीतू पटवारी ने कहा कि नए प्लांट और दूसरी परियोजनाओं का निर्माण विकास का एक हिस्सा हो सकता है लेकिन असली सवाल किसान की आय का है। उन्होंने कहा प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों को सिर्फ उद्घाटन और घोषणाएं नहीं, बल्कि दूध का उचित मूल्य, समय पर भुगतान और मजबूत सहकारी व्यवस्था चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी सवाल किया कि केंद्र और राज्य की डेयरी योजनाओं का लाभ आम दुग्ध उत्पादक किसान तक किस तरह पहुंच रहा है।

अमित शाह आज आएंगे भोपाल

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह दो अक्टूबर को भोपाल पहुंचेंगे और तीन अक्टूबर को कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके दौरे का प्रमुख कार्यक्रम भेल दशहरा मैदान में होने वाला राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन है, जिसमें 35 हजार से अधिक गोपालकों और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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