अर्बन कॉन्क्लेव 2026: 2753 करोड़ की शहरी परियोजनाओं को मिलेगा नया आयाम, सिंहस्थ 2028 पर फोकस, बैंकों के साथ अनुबंध भी किए जाएंगे


मध्य प्रदेश के शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए आगामी 28 अक्टूबर, 2026 को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय ‘अर्बन कॉन्क्लेव’ का आयोजन जाएगा। कॉन्क्लेव में ‘अर्बन चैलेंज फंड’ से स्वीकृत शहर विकास परियोजनाओं की जमीनी प्रगति, वित्तीय प्रबंधन और तय समय में काम पूरा करने की रणनीति पर मंथन होगा।
साथ ही वित्तीय संस्थानों और बैंकों के साथ अनुबंध किये जाएंगे तथा संबंधित एजेंसियों को ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ प्रदान किए जाएंगे । नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में राज्य सरकार के विजन को भी साझा किया जाएगा। इसका उद्देश्य नगरीय विकास को नई गति देने, शहरी अधोसंरचना में निवेश को प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से शहरों को सुविधायुक्त बनाना है।
कॉन्क्लेव शहरी विकास के क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, प्रमुख निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और युवाओं को मध्यप्रदेश में सृजित हो रही अपार विकास संभावनाओं से सीधे जुड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। कॉन्क्लेव में सहभागिता के इच्छुक निवेशक, स्टार्टअप्स एवं युवा आधिकारिक वेब पोर्टल ugconclave.mp.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन (Registration) भी करा सकते हैं।
अर्बन चैलेंज फंड की 2,753.10 करोड़ की परियोजनाओं को मिलेगा नया आयाम
अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रदेश के विभिन्न नगरों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की कुल स्वीकृत लागत 2,753.10 करोड़ रुपये है। इस वित्तीय नियोजन के माध्यम से इंदौर, उज्जैन और रीवा की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को गति दी जा रही है।। इसके अंतर्गत इंदौर शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सीवरेज लाइनों व उपचार संयंत्रों के बड़े स्तर पर सुधार कार्य शामिल हैं।
साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी उज्जैन में ‘एकीकृत मंदिर क्षेत्र विकास’ की महत्वाकांक्षी परियोजना तथा रीवा नगर की सर्वसमावेशी जलप्रदाय योजना के कार्यों को भी धरातल पर उतारा जा रहा है। सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन को विश्वस्तरीय तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने पर विशेष सत्र, तकनीक आधारित भीड़ प्रबंधन, यातायात एवं आयोजन प्रबंधन, निवेश, टेंपल बॉन्ड, CSR, डिजिटल ट्विन मॉडलिंग तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
इन विषयों पर भी होगा विचार-विमर्श, विशेषज्ञ रखेंगे अपने विचार
- कॉन्क्लेव में श्रेणी-2 के शहरों के विकास पर केंद्रित विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें पुनःघनीकरण, परिवहन आधारित विकास (TOD), TDR, आवास, पुनर्विकास, मास्टर प्लान,, रेरा स्वीकृतियां, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, अनापत्ति प्रमाण-पत्रों में कमी (NOC) तथा FAR जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
- नगरीय प्रशासन में सुधार और डिजिटल सशक्तिकरण पर केंद्रित सत्र में स्वचालित भवन अनुज्ञा अनुमोदन प्रणाली (ABPAS), ऑनलाइन NOC एवं विकास अनुज्ञा प्रणाली, कॉलोनी अधिनियम, डिजिटल गवर्नेंस, GIS आधारित नियोजन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- जलवायु अनुकूल शहर, जल सुरक्षा और सर्कुलर एकॉनामी विषय पर भी आयोजित सत्रों में विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में शहरी जल प्रबंधन, अमृत 2.0, BRSR फ्रेमवर्क, नमो हरित नगर योजना, सिटी फॉरेस्ट एवं सेंट्रल पार्क, ईज ऑफ लिविंग, लिवेबिलिटी इंडेक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन,MRF, कचरे से ऊर्जा, सौर ऊर्जा परियोजनाएं तथा CBG इकोसिस्टम शामिल हैं।
- कॉन्क्लेव में शहरी निवेश, वित्तीय संसाधन, साझेदारी और वैश्विक विशेषज्ञता के अवसरों पर भी मंथन होगा। इसमें अर्बन चैलेंज फंड की परियोजनाएं, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), वित्तीय मॉडलिंग, टेंपल बॉन्ड, ग्रीन बॉन्ड, नगर पालिका बॉन्ड, संयुक्त उपक्रम, बहुपक्षीय बैंकों से वित्त पोषण, अनुदान और वायबिलिटी गैप फंडिंग सहित विभिन्न वित्तीय विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।











