नीमच में बिजली कटौती से भड़का किसानों का गुस्सा, हाईवे पर किया चक्काजाम, चेतावनी देते हुए बोले- दो दिन में समाधान नहीं तो बड़ा आंदोलन


त्योहारी सीजन में मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार बिजली संकट से किसान और ग्रामीण परेशान हैं। जिसके चलते कई इलाकों में लोगों ने अब शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी बीच, गुरुवार को नीमच जिले के जावद तहसील के दर्जनों गांवों के किसान सड़क पर उतर आए हैं एवं विद्युत ग्रिड के सामने जोरदार प्रदर्शन करते हुये जमकर नारेबाजी की है और नीमच-जावद मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
बता दें कि करीब तीन घंटे तक चले इस हंगामेदार प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप रहा। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुये पुलिस और विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे एवं आक्रोशित किसानों को मनाने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि अघोषित और अनियमित बिजली कटौती के कारण खेतों में सिंचाई पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। दिन-रात बिजली की आंख-मिचौली से उपकरण जल रहे हैं और फसलें सूखने की कगार पर हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद बिजली कंपनी की ओर से किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं की गई। जिसके चलते किसानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों से की बातचीत
हाईवे पर जाम और तनाव की सूचना मिलते ही डीएसपी हर्ष राठौड़ और तहसीलदार बी.के. मकवाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रिड के बाहर धरने पर बैठे आक्रोशित किसानों से सीधी बातचीत की। किसानों की तीखी नाराजगी के बीच प्रशासनिक अफसरों ने दो दिनों के भीतर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और आपूर्ति में आ रही तकनीकी खामियों को दूर करने का लिखित आश्वासन दिया। लिखित समझौते के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद पुलिस ने यातायात सुचारू कराया।
किसानों ने प्रशासन और विद्युत मंडल को दी चेतावनी
प्रदर्शन खत्म करते हुए किसानों ने दो-टूक शब्दों में साफ कर दिया कि यह केवल एक चेतावनी थी। यदि प्रशासन और विद्युत मंडल ने दिए गए लिखित वादे के मुताबिक आगामी दो दिनों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो जावद क्षेत्र का किसान वर्ग चुप नहीं बैठेगा। तय समय सीमा में समाधान न निकलने पर समूचे जिले में उग्र चक्काजाम और बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
अंचल में लगातार सुलग रहा बिजली संकट का मुद्दा
जिले में अघोषित बिजली कटौती को लेकर किसानों का गुस्सा लगातार गहराता जा रहा है। इससे पहले कल यानि बुधवार को गिरदौड़ा और सिंगोली अंचल में भी किसानों ने जोरदार आंदोलन कर ग्रिड के बाहर धरने-प्रदर्शन किए थे। लगातार गहराते संकट के बावजूद स्थायी समाधान न होने से पूरे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।











