पिता की मृत्यु के बाद बीमा राशि देने के बदले मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने जल संसाधन विभाग के क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

लोकायुक्त पुलिस रीवा ने सिंगरौली जिले के जल संसाधन विभाग में पदस्थ क्लर्क (सहायक ग्रेड – 2)को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है, आरोपी क्लर्क एक ग्रामीण से उसके सेवानिवृत पिता की मृत्यु के बाद मिलने वाली बीमे की राशि जारी करने के बदले  परेशान कर रहा था और रिश्वत की मांग कर रहा था

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रीवा संभाग योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुर्तला कोठार वार्ड नंबर 2 रामपुर नैकिन जिला सीधी निवासी ग्रामीण रज्जन साकेत ने एक शिकायती आवेदन उनके कार्यालय में पिछले दिनों दिया था उन्होंने अपने आवेदन में कार्यालय कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्रमांक 2 सिंगरौली में पदस्थ सहायक वर्ग -2 दिनेश कुमार श्रीवास्तव पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

बीमे की राशि जारी करने के बदले मांग रहा था रिश्वत  

शिकायती आवेदन में रज्जन साकेत ने बताया कि उसके पिता राम कृपाल साकेत कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक 2 सिंगरौली में सुपरवाइजर के पद पर पदस्थ थे। वे 01 जून 2025 को सेवानिवृत हुए थे। पिताजी को सेवा निवृत उपरांत बीमा की राशि मिलना शेष थी इसी बीच मेरे पिताजी का 22 अक्टूबर 2025 को देहांत हो गया। पिताजी की लंबित बीमा राशि के भुगतान के लिए वो क्लर्क दिनेश कुमार श्रीवास्तव से जाकर मिला तो उन्होंने बीमा राशि मेरी मां के खाते में डालने के एवज में 4000/- रुपये की रिश्वत की मांग की, जो वो देना नहीं चाहता।

लोकायुक्त पुलिस रीवा ने सिंगरौली में की कार्रवाई 

शिकायती आवेदन मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने इसका सत्यापन किया और सत्यापन में रिश्वत मांगने की बात सही साबित हुई । पुष्टि होने के बाद लोकायुत पुलिस ने ट्रैप प्लान किया, टीम गठित कर सिंगरौली भेजी गई जहाँ क्लर्क दिनेश कुमार श्रीवास्तव के बताये स्थान स्टेट बैंक मेन ब्रांच बैढ़न के पास शिकायतकर्ता रज्जन साकेत को रिश्वत की राशि 4000/- रुपये लेकर भेजा।

रिश्वत हाथ में आते ही बाबू को लोकायुक्त पुलिस ने धरा  

रज्जन साकेत ने क्लर्क दिनेश कुमार श्रीवास्तव को 4,000/–रुपए की रिश्वत दी उसके हाथ में आते ही पास में ही छिपी लोकायुक्त की टीम ने घेरकर उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली।आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है ।

राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट 

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पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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