मोदी कैबिनेट के 4 बड़े फैसले, DA और DR में 3% वृद्धि का ऐलान, कई योजनाओं को मिली मंजूरी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया है। इस दौरान अहम फैसले लिए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी दी। दिवाली से पहले कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोत्तरी की गई है। वहीं पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत में भी 3% की वृद्धि का ऐलान किया है।
डीए और डीआर के लिए अतिरिक्त किस्त 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। इसमें मूल वेतन या पेंशन के मौजूदा 60% की दर पर 3% की वृद्धि की गई है। ताकि भारी कीमतों की भरपाई की जा सके। दोनों में बढ़ोत्तरी से सरकार खजाने पर सालाना 10,016.10 करोड़ रुपये का कुल भार पड़ेगा। इससे केंद्र सरकार के लगभग 48.4 लाख कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। यह बढ़ोत्तरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिश के आधार पर की गई है।
प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना जो एक केंद्र प्रायोजित योजना है, उसे मंजूरी दे दी है। यह विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के रूप अनुरूप है। इस योजना को 2026-27 और 2030-31 तक 16वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान लागू किया जाएगा। इसका कुल बजट 7,395.55 करोड रुपये है। जिसमें केंद्र का हिस्सा 4869.48 करोड़ रुपये है। वहीं राज्यों का हिस्सा 2526.07 करोड़ रुपये है। इस योजना से 2.55 लाख से अधिक पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों को लगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि पंचायत कर्मी और हितधारकों को इस योजना से लाभ होगा। वहीं जागरूकता बढ़ाने वाले प्रत्येक कार्यक्रम से कम से कम एक करोड़ नागरिक जुड़ेंगे।
खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी
कैबिनेट ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने के लिए “खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम” को मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 2026 से 2023- 34 की अवधि के दौरान कुल 1,856.67 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना के तहत स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित करने की योजना भी बनाई गई है। इसका उद्देश्य निवेश, तकनीक अपनाने, रिसर्च और इनोवेशन, कौशल विकास, क्वालिटी सर्टिफिकेशन और मार्केट डेवलपमेंट के लिए सहायता देकर भारत के स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग आधार को मजबूत करना है।
CMPS को भी सरकार ने दिखाई हरी झंडी
वित्तीय वर्ष 2039-40 तक कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (सीएमपीएस) को मंजूरी दी है। इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपये बजट रखा गया है। इस योजना को उद्देश्य भारत में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धि कंटेनर विनिर्माण इकोसिस्टम को तैयार करना है। साथ ही आयात पर निर्भरता कम करना और सप्लाई चैन को बेहतर बनाना है। इस योजना के तहत नई विनिर्माण इकाइयों को समर्थन मिलेगा और मौजूदा कंटेनर विनिर्माण इकाइयों का विस्तार भी किया जाएगा।
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