सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ अरेस्ट वारंट, जानें 8 साल पुराने मामले में कोर्ट ने और क्या निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आजाद समाज पार्टी के नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चन्द्रशेखर आजाद की मुश्किलें बढ़ गई है,  8 साल पुराने एक मामले में गाजियाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट यानि अरेस्ट वारंट जारी किया है, मामला एक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मारने से जुड़ा है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की MP-MLA अदालत ने नगीना से सांसद चन्द्र शेखर आजाद के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किया है, कोर्ट में चल रहे 8 साल पुराने मामले में समन करने के बाद भी सुनवाई  के दौरान सांसद चन्द्रशेखर की गैरहाजिरी को अदालत ने  गंभीरता से लिया है और उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया है।

सांसद चन्द्रशेखर पर लगे हैं मारपीट के आरोप  

गौरतलब है कि ये घटनाक्रम 2018 में साहिबाबाद में हुए के शादी समारोह से जुड़ा है, आरोप है कि संसद चन्द्रशेखर इस शादी में अपने समर्थकों के साथ हथियार लेकर पहुंचे थे तब उस शादी में धर्मेंद्र कुमार नामक युवक भी शामिल था उसने सांसद से इतने हथियारों के साथ शादी में आने पर सवाल किया तो वे भड़क गए और फिर उन्होंने धर्मेंद्र को थप्पड़ मार दिया और उनके समर्थकों ने गाली गलौज करते हुए धर्मेंद्र के साथ मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी दी, इसकी शिकायत धर्मेंद्र ने पुलिस में की जिसपर सांसद के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।

इसलिए अदालत ने जारी किया अरेस्ट वारंट    

मामला अदालत तक पहुंचा और चाद्न्र शेखर आजाद को समन किया गया लेकिन वे अदालत नहीं पहुंचे, शिकायतकर्ता धर्मेंद्र के वकील के मुताबिक इस मामल की सुनवाई के लिए एमपी एमएलए कोर्ट गाजियाबाद ने सांसद चन्द्रशेखर आजाद को कई बार समन भेजे लेकिन उन्होंने इसकी अनदेखी की, गुरुवार को वे फिर कार्रवाई से अनुपस्थित रहे जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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