इंदौर-धार रेल लाइन को लेकर बड़ा अपडेट, टॉवर वेगन के बाद पैकिंग मशीन भी टीही टनल से गुजरी, 5 और 6 नवंबर को हो सकता है CRS निरीक्षण


इंदौर से धार तक रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद अब और बढ़ गई है। दरअसल इंदौर-दाहोद रेल लाइन परियोजना के तहत टीही के पास बनी 2,957 मीटर लंबी सुरंग में ट्रैक जोड़ने के बाद टॉवर वेगन और फिर पटरी की पैकिंग करने वाली भारी मशीन को गुजारा गया। वहीं अब 5 और 6 नवंबर को टीही से धार के बीच करीब 47 किलोमीटर के रेलखंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) निरीक्षण प्रस्तावित है। निरीक्षण और जरूरी मंजूरी मिलने के बाद रेल संचालन की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।
इसके साथ ही रेलवे ने सुरक्षा निरीक्षण की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक नवंबर के पहले सप्ताह में टीही से धार तक बने रेलखंड की तकनीकी जांच की जा सकती है।
इंदौर-धार रेल लाइन: 5 और 6 नवंबर को CRS निरीक्षण की तैयारी
दरअसल टीही से धार के बीच करीब 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर रेलवे सुरक्षा आयुक्त का निरीक्षण प्रस्तावित है। इसमें टीही, पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार सहित संबंधित स्टेशनों और रेल ढांचे की जांच की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पटरियों, पुलों, विद्युतीकरण और सिग्नलिंग व्यवस्था को परखा जाएगा। यह प्रक्रिया रेल संचालन से पहले सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिहाज से अहम है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, मुख्य इंजीनियर निर्माण धीरज कुमार के निर्देशन में टीही-धार रेलखंड का निर्माण अंतिम चरण में है। सुरंग में बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही विद्युतीकरण और सिग्नलिंग से जुड़े काम भी अंतिम चरण में हैं। टॉवर वेगन और पैकिंग मशीन का सुरंग से गुजरना ट्रैक से जुड़े कामों में हुई प्रगति को दिखाता है।
कब शुरू हो सकती है ट्रेन?
दरअसल इंदौर-दाहोद रेल लाइन परियोजना के इस हिस्से पर काम पूरा होने के बाद धार जिले को इंदौर से सीधा रेल संपर्क मिलने का रास्ता खुलेगा। फिलहाल 5 और 6 नवंबर को निरीक्षण होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर तय कार्यक्रम के मुताबिक जांच पूरी होती है और रेलखंड जरूरी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है तो संचालन की दिशा में अगला कदम उठाया जा सकेगा। दिसंबर तक इंदौर से धार के बीच रेल सेवा शुरू होने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि अभी नियमित यात्री ट्रेन चलने की तारीख तय मानना सही नहीं होगा। इसके लिए CRS निरीक्षण, जरूरी मंजूरी और परिचालन से जुड़ी तैयारियां पूरी होना जरूरी है।











