इंदौर में जलसंकट पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा, चिंटू चौकसे बोले – ‘CM 12 महीने की कार्ययोजना जनता के सामने रखें’


इंदौर में संभावित जलसंकट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दरअसल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की भाजपा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद कांग्रेस ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और भाजपा के अंदर समन्वय को लेकर सवाल उठाए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से खुद उच्चस्तरीय बैठक बुलाने और अगले 12 महीनों के लिए पानी की व्यवस्था का पूरा प्लान जनता के सामने रखने की मांग की है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने भी पूछा कि भाजपा को इतना समर्थन मिलने के बाद भी लोगों को पानी की परेशानी क्यों हो रही है।
दरअसल शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि इंदौर के प्रभारी मंत्री खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं। ऐसे में संभावित जलसंकट को देखते हुए मुख्यमंत्री को पहल करके जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार अगले 12 महीनों में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए बनाई गई कार्ययोजना जनता के सामने रखे। चिंटू चौकसे के मुताबिक लोगों को यह भरोसा मिलना चाहिए कि गर्मी और आने वाले महीनों में पानी की कमी के कारण उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा।
योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए: चिंटू चौकसे
चिंटू चौकसे ने कहा कि जलसंकट को लेकर योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रशासन को यह साफ करना होगा कि मौजूदा जल स्रोतों का बेहतर इस्तेमाल कैसे होगा, पानी की कमी वाले इलाकों में क्या व्यवस्था की जाएगी और अगले चार से छह महीनों की जरूरत कैसे पूरी होगी। उन्होंने महापौर से भी सभी पार्षदों, भाजपा और कांग्रेस के जिम्मेदार नेताओं, शहर के जानकार लोगों और जल विशेषज्ञों के साथ बैठक करने की मांग की है। उनका कहना है कि जलापूर्ति जैसे मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है।
चिंटू चौकसे ने इंदौर की मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि शहर को नर्मदा परियोजना से करीब 400 एमएलडी पानी मिलता है। इसके अलावा यशवंत सागर और बोरवेल जैसे स्रोत भी पानी की जरूरत पूरी करने में मदद करते हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में कम पानी आने, कम प्रेशर और गंदे पानी की शिकायतें सामने आने का दावा उन्होंने किया। चौकसे ने शहर की आबादी और जरूरतों का हवाला देते हुए कहा कि यदि रोजाना करीब 600 एमएलडी पानी की जरूरत का अनुमान है तो भविष्य की तैयारी अभी से जरूरी है।
निगम पर कर्ज को लेकर भी सवाल उठाए
दरअसल उन्होंने नर्मदा परियोजना के चौथे चरण और दूसरी प्रस्तावित योजनाओं को लेकर भी स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। चौकसे ने कहा कि लोगों को बताया जाना चाहिए कि अतिरिक्त पानी की व्यवस्था कब और कैसे होगी। उन्होंने मास्टर प्लान, सड़क निर्माण और शहर के दूसरे विकास कार्यों को लेकर भाजपा नेताओं के बीच कथित मतभेदों पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक खींचतान के बजाय समन्वय होना चाहिए। चिंटू चौकसे ने नगर निगम की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए ठेकेदारों की देनदारियों और निगम पर करीब 2,000 करोड़ रुपये के कर्ज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भविष्य की योजनाओं के साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पानी, सड़क और सीवरेज जैसी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
रीना बौरासी सेतिया ने भी जलसंकट को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए
वहीं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने भी जलसंकट को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इंदौर में भाजपा के नौ विधायक हैं महापौर भाजपा से हैं और प्रदेश के जल संसाधन मंत्री भी इंदौर से हैं। इसके बावजूद लोगों को पानी से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुन रहे हैं तो इसका खामियाजा आम लोगों को क्यों भुगतना पड़े।
बौरासी सेतिया ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता ने समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने रोजगार, शिक्षा, छात्रवृत्ति, महिलाओं की सुरक्षा, दलितों पर अत्याचार और किसानों को फसल मुआवजा मिलने जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया और सरकार से जवाब मांगा है।











