नीमच में कांग्रेस का प्रदर्शन, ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के लगाए नारे, वोट चोरी और अफीम नीति पर सरकार को घेरा


एक तरफ जहां देश में मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पीएम मोदी के पिता को लेकर दिए गए बयान को लेकर माहौल गर्म है तो वहीं मध्यप्रदेश के नीमच में कांग्रेस ने वोट चोरी, अफीम नीति, SIR एवं अन्य मुद्दों को लेकर मोर्चा खोला है। इस दौरान कांग्रेस ने “वोट बचाओ, देश बचाओ” के नारे लगाते हुये भाजपा पर वोट चोरी जैसे आरोप लगाये और चुनाव पर सवाल उठाये हैं।
बता दें कि नीमच में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरजीत सिंह सुरजेवाला और चरण सिंह सप्रा के दौरे के दौरान जिला कांग्रेस ने बैठक आयोजित की। इसके बाद गांधी भवन से पैदल मार्च निकाला गया और भारत माता चौराहे पर प्रदर्शन कर एसडीएम पराग जैन को ज्ञापन सौंपा गया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने चुनाव आयोग को ‘चूना आयोग’ बताया
जानकारी अनुसार, कांग्रेस के इस प्रदर्शन का सबसे बड़ा मुद्दा वोट चोरी और SIR था। प्रदर्शन के दौरान सुरजीत सिंह सुरजेवाला ने आरोप ने आरोप लगाते हुये कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के जरिये लोगों के मतदान का अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने SIR को ‘स्पेशल इंटेंसिव रिगिंग’ और चुनाव आयोग को ‘चूना आयोग’ करार दिया।
13.37 करोड़ लोगों के वोट कट चुके हैं: सुरजेवाला का दावा
सुरजेवाला ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के बाद 13 करोड़ 37 लाख लोगों के वोट कट चुके हैं और यह आंकड़ा 15 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने अंकिता भंडारी, हाथरस और उन्नाव जैसे मामलों का जिक्र किया और भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाये। वहीं प्रधानमंत्री और अमित शाह के पुराने बयानों का हवाला देकर उन्होंने कांग्रेस नेताओं की भाषा पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब भी दिया।
अफीम नीति को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
स्थानीय किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण वायती ने अफीम नीति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने 4.2 से 4.4 के मानक, अगले साल के लिए प्रस्तावित 5.9 के मानक, पट्टों और फसल बीमा से जुड़ी विसंगतियों पर सवाल उठाये। साथ ही कांग्रेस ने सांसद सुधीर गुप्ता पर भी किसानों के मुद्दे पर विफल रहने का आरोप लगाया। तरुण वायती ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस बार अफीम नीति में किसानों के साथ धोखा किया है।
इसके साथ ही नीमच जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने, बिजली कटौती तत्काल रोकने और किसानों को राहत देने की मांग उठाई गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अल्पवर्षा, सिंचाई में परेशानी और पेयजल संकट ने किसानों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। वहीं, अब कांग्रेस की नजर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन पर है। सुरजेवाला ने दावा किया कि हर जिले से कार्यकर्ताओं को जुटाया जाएगा और 10 लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।











