खंडवा में शराब बिक्री के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं का प्रदर्शन, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, स्थायी समाधान की मांग


मध्यप्रदेश में अवैध शराब का कारोबार रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। बावजूद इसके कई इलाकों में शराब तस्करों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। आये दिन बड़ी मात्रा में अवैध शराब की जब्ती और तस्करों की गिरफ्तारी के बीच अब कई जगहों पर स्थानीय लोग भी शराब बिक्री के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इस बीच, खंडवा में भी ग्रामीण महिलाओं ने शराब की बिक्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बता दें कि मंगलवार, 29 सितंबर को भी ग्रामीण महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कच्ची-पक्की शराब कथित रूप से उपलब्ध हो रही है जिसके चलते शराब पीने वालों की संख्या बढ़ रही है और इसका असर परिवारों पर पड़ रहा है।
जनसुनवाई में कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि शराब को लेकर कई बार जनसुनवाई में भी अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा चुकी हैं। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ज्ञापन के जरिये महिलाओं ने कहा कि शराब के कारण से घर-परिवार में अशांति और विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। ग्रामीण महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में शराब की बिक्री की जांच कराई जाये और यदि अवैध गतिविधियां सामने आती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीण महिलाओं की शिकायत का सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब वे बार-बार जनसुनवाई में अपनी समस्या लेकर प्रशासन के सामने पहुंच रही हैं तो आखिर कार्रवाई की स्थिति क्या है? महिलाओं का कहना है कि शराब की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है।
शराब की समस्या के स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों की ओर से दिए गये ज्ञापन में क्षेत्र में कच्ची-पक्की शराब की कथित बिक्री की जांच कराने, शराब के खिलाफ कार्रवाई करने और इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई है। शराब की समस्या से परेशान महिलाओं का कहना है कि प्रशासन को केवल आवेदन लेने तक सीमित न रहकर मौके पर जांच कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
सुशील विधाणी, खंडवा











