बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड: पति की हत्या करने वाली मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी की सजा

उत्तर प्रदेश में मेरठ में हुए बहुचर्चित और दिल दहला देने वाले “नीला ड्रम” हत्याकांड में आज सजा का ऐलान हो गया है, जिला अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड में दोषी करार मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है, मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी और उसके शव के टुकड़े कर नील ड्रम में छिपा दिए, परिजनों ने सौरभ के गायब होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई तब जाँच के दौरान कहानी खुली और दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और अदालत ने जेल भेज दिया था

मेरठ की जिला अदालत में आज फैसले पर सुनवाई हुई, जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदलत में दोनों आरोपियों को जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया , उनसे पूछा गया कि क्या वे सजा सुनाये जाने से पहले कुछ कहना चाहते हैं दोनों ने कहा उन्हें कुछ नहीं कहना है लंच के बाद फिर सुनवाई शुरू हुई और अदालत में मृत्यु दंड की सजा सुना दी, जेल प्रशासन से बाहर आई खबरों के मुताबिक सजा सुनते ही मुस्कान रोने लगी , उधर साहिल की भी आँखे गीली हो गई। घटना की गंभीरता और क्रूरता को देखते हुए अभियोजन ने दोनों को मृत्यु दंड देने की मांग की थी हालाँकि बचाव पक्ष ने मुस्कान की दो बेटियों का हवाला देते हुए नरमी अब्रटने की अपील अदालत से की थी।

30 सितंबर को कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराया था

उल्लेखनीय है कि मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर 3 मार्च 2025 को की थी। सौरभ के भाई बबलू ने 18 मार्च 2025 को सौरभ के लापता होने की सूचना  पुलिस को दी थी, हत्या के बाद शव को पांच टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया गया था। जुलाई 2025 में जिला कोर्ट में मामले का ट्रायल शुरू हुआ। पुलिस ने 30 सितंबर को कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा पर फैसला होना बाकी था और आज 14 अक्टूबर को अदालत ने फांसी की सजा सुना दी।

ये है पूरा घटनाक्रम 

सौरभ के भाई ने शिकायत में मुस्कान और साहिल पर संदेह जताया गया था। पुलिस ने शिकायत के बाद जाँच शुरू की, इस दौरान मुस्कान के बयान के बाद पुलिस का संदेह उसपर गहरा हो गया और कड़ियां जोड़ने पर हत्या का राज खुल गया, पुलिस जाँच में सामने आया कि वारदात वाली रात सौरभ अपनी मां रेनू देवी के घर से कोफ्ते की सब्जी लेकर आया था। मुस्कान ने उसी सब्जी में नशीली दवा मिला दी थी। सौरभ के बेसुध होने के बाद साहिल को घर बुलाया गया। इसके बाद सौरभ की हत्या की गई और वॉशरूम में उसके शव के टुकड़े किए गए। शव को पहले ब्रीफकेस में रखने की कोशिश की गई, लेकिन ब्रीफकेस का हुक टूटने के बाद उसे बेड में रखा गया। बाद में शव को नीले ड्रम में छिपाया गया।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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