भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले बदला होलकर स्टेडियम का अंदाज, किले की थीम पर सज रहे गेट


11 अक्टूबर को इंदौर में भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का मुकाबला देखने को मिलने वाला है। T20 के इस मैच को लेकर इंदौर के होलकर स्टेडियम में तैयारियां की जा रही है। इसी कड़ी में अब स्टेडियम को शाही लुक दिया जा रहा है।
इस बार क्रिकेट के फैंस जब स्टेडियम में एंट्री करेंगे। तब उन्हें किसी किले में एंट्री लेने का एहसास होगा। ऐसे में यहां जितने भी एंट्री गेट हैं उन्हें किले की थीम पर तैयार किया जा रहा है। इन पर रंग रोगन कर अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है।
चल रही है मरम्मत
स्टेडियम में एंट्री गेट तो तैयार किया जा रहे हैं इसके अलावा अंदर भी मरम्मत से जुड़े काम चल रहे हैं। मैच को लेकर यहां व्यवस्थाएं जमाई जा रही है। जो जरूरी सुधार कार्य है, वो अलग अलग हिस्सों में जारी है। VIP दर्शकों के लिए यहां एक विशेष मंच बनाया जा रहा है।
रॉयल गेट हो रहे तैयार
स्टेडियम के एंट्री गेट किले की थीम के मुताबिक तैयार किए जा रहे हैं। जिस तरह के गेट किसी किले में होते है। उसी तरह का रूप इन्हें रंग रोगन कर देने का काम किया जा रहा है।
क्रिकेटर्स के नाम पर हिस्से
साल 2011 में इस स्टेडियम का कायाकल्प करते हुए यहां पर ड्रेसिंग रूम और पवेलियन सहित स्टैंड के नामकरण के लिए समिति तैयार की गई थी। समिति द्वारा अलग-अलग हिस्से को अलग-अलग नाम दिया गया। यहां मौजूद ड्रेसिंग रूम दिग्गज खिलाड़ी मंसूर अली खान पटौदी और राहुल द्रविड़ के नाम पर है। प्रेस बॉक्स का नाम महाराजा माधवराव सिंधिया के नाम पर रखा गया है। पवेलियन कर्नल सीके नायडू और कप्तान मुश्ताक अली के नाम पर है। अनिल कुंबले, सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, कपिल देव, विजय हजारे और अजीत वाडेकर के नाम पर स्टैंड हैं।
राजवंश से जुड़ा है स्टेडियम
बता दें कि इंदौर के होलकर स्टेडियम का नाता राजवंश से है। होलकर राजवंश की ओर से इसके लिए जमीन दी गई थी और क्रिकेट को प्रोत्साहित किया गया था। इतना ही नहीं यहां होलकर क्रिकेट टीम रणजी में खेला करती थी। टीम ने 10 सीजन में हिस्सा लिया और आठ बार फाइनल में पहुंची और चार बार चैंपियन बनी।











