इंदौर में दूषित पानी पर उमंग सिंघार का हमला, पूछा “क्या भागीरथपुरा जैसी त्रासदी का इंतजार कर रही सरकार”


इंदौर में दूषित पानी की खबरों के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में लगभग 50 निजी बोरिंग के पानी में ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया पाए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने यह भी कहा कि एमवाय अस्पताल समेत कई सरकारी अस्पतालों के पानी के नमूने भी दूषित मिले हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इंदौर में पानी की गुणवत्ता को लेकर सामने आ रही यह स्थिति गंभीर है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या सरकार एक बार फिर भागीरथपुरा जैसी त्रासदी का इंतजार कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद भी सरकार ने सबक क्यों नहीं लिया।
उमंग सिंघार ने किए सवाल
उमंग सिंघार ने साफ पानी की उपलब्धता को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि इंदौर के लगभग पचास निजी बोरिंग के पानी में ई-कोलाई जैसे मल-मूत्र में पाए जाने वाले बैक्टीरिया मिलने की खबर सामने आई है। इतना ही नहीं, MY अस्पताल समेत कई सरकारी अस्पतालों के पानी के सैंपल भी दूषित पाए गए हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, इंदौर की जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ है। उन्होने सवाल किया कि इंदौर की जनता को सुरक्षित पेयजल कब मिलेगा और पानी के दूषित होने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब की जाएगी।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से बिगड़े थे हालात
बता दें इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पिछले साल दिसंबर के आखिर में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के मामले तेजी से सामने आए थे। बड़ी संख्या में लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान पानी के नमूनों में फीकल कॉलीफॉर्म और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया पाए गए थे।
घटना के बाद इलाके में पानी की सप्लाई को लेकर प्रशासन और नगर निगम ने कई स्तर पर जांच की थी। प्रभावित क्षेत्र में टैंकरों से पानी पहुंचाया गया और दूषित पाइपलाइन व जलस्रोतों की जांच की गई। इस मामले ने शहर की पेयजल व्यवस्था और पाइपलाइन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। बाद में मामले की न्यायिक जांच भी हुई। जांच में दूषित जल आपूर्ति को मौतों से जोड़ते हुए जलापूर्ति व्यवस्था में सामने आई खामियों और पाइपलाइन से जुड़े काम में देरी को लेकर सवाल उठाए गए थे। अब इंदौर के निजी बोरिंग और सरकारी अस्पतालों के पानी के नमूनों में बैक्टीरिया मिलने की खबरों ने एक बार फिर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को चर्चा में ला दिया है। इसी को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार से व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
इंदौर में भागीरथपुरा की भयावह घटना को दोहराना चाहती है भाजपा सरकार!
इंदौर के करीब 50 निजी बोरिंग के पानी में ई-कोलाई जैसे मल-मूत्र में पाए जाने वाले बैक्टीरिया मिलने की खबर सामने आई है। इतना ही नहीं, MY अस्पताल समेत कई सरकारी अस्पतालों के पानी के सैंपल भी दूषित पाए गए हैं।
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— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 28, 2026











