मुफ्त बिजली योजना लक्ष्य से दूर, बिहार में हर दिन 2 हजार घरों में सोलर लगाने का दबाव

पटना
बिहार में गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली देने के लिए पीएम सूर्य घर योजना अपने लक्ष्य से बहुत पीछे है। नवंबर तक राज्य में 2.50 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर 1.1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य है। अभी तक सिर्फ 49 हजार घरों में ही सोलर प्लांट लगे हैं। ऐसे में अब लक्ष्य पूरा करने के लिए शेष बचे 100 दिनों में दो लाख एक हजार घरों में सोलर प्लांट लगाने की चुनौती है। यानी टारगेट पूरा करने के लिए अब हर दिन दो हजार घरों में सोलर प्लांट लगाना होगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 जून को राज्य में इस योजना की शुरुआत की थी। आर्थिक रूप से कमजोर कुटीर ज्योति श्रेणी (बीपीएल) परिवार के घरों पर 1.1 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शत-प्रतिशत सब्सिडी के साथ लगाये जा रहे हैं। प्रथम चरण में 2.5 लाख उपभोक्तओं की छतों पर सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन (यूएलए) मॉडल के तहत सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य है। योजना शुरू होने के दो माह आठ दिनों में 49 हजार घरों में सोलर प्लांट लगे हैं। यानी अभी प्रति दिन लगभग 720 घरों में ही सोलर प्लांट लग रहे हैं। यही रफ्तार रही तो तीन साल में राज्य के 58 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर सोलर कैसे लगेगी, यह सवाल है।
सोलर प्लांट के लिए 98 हजार तक अनुदान
पीएम सूर्य घर बिजली योजना के तहत सामान्य परिवारों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने के लिए भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आवासीय भवनों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने के लिए केंद्रीय योजना के तहत तीन किलोवाट या इससे अधिक क्षमता के लिए 78 हजार रुपए अनुदान देने का प्रावधान है।
पिछले दिनों राज्य सरकार ने तीन किलोवाट क्षमता के सोलर पलांट लगाने के लिए 20 हजार रुपये अनुदान देने का निर्णय लिया है। यानी अब तीन किलोवाट सोलर प्लांट लगाने के लिए 98 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। तीन किलोवाट सोलर प्लांट लगाने में औसतन दो लाख रुपये खर्च होते हैं। इस अनुदान से सोलर प्लांट लगाने के इच्छुक लोगों को काफी फायदा पहुंचता है।
बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के यूएलए मॉडल के तहत नवंबर अंत तक ढाई लाख गरीब परिवारों के घरों में सोलर प्लांट लगाना है। इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। एजेंसियों को रफ्तार बढ़ाने की चेतावनी दी गई है। लापरवाह एजेंसी को कालीसूची में डाला जाएगा।











