अडानी खरीदने जा रही यह दिवालिया कंपनी, खबरों के बीच शेयर खरीदने की मची लूट, ₹3 पर आया भाव

जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के शेयर आज सोमवार को कारोबार के दौरान फोकस में हैं। कंपनी के शेयर आज 5% तक चढ़ गए। इसमें अपर सर्किट लग गया और यह शेयर 3.22 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गया। शेयरों में इस तेजी के पीछे एक ऐलान है। दरअसल, जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड ने कहा कि उसे दिवाला प्रक्रिया के जरिए कंपनी के अधिग्रहण के लिए बयाना राशि के साथ पांच बोलियां मिली हैं। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उसे पांच समाधान योजनाएं मिली हैं।
कंपनी ने क्या कहा
जेएएल ने कहा, “जेएएल की कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में जारी समाधान योजना के अनुरोध के जवाब में, समाधान पेशेवर को प्रस्तुत करने की तिथि तक बयाना राशि के साथ पांच समाधान योजनाएं मिली हैं।” हालांकि, जेएएल ने उन कंपनियों के नाम नहीं बताए जिन्होंने समाधान योजना पेश की है। सूत्रों के अनुसार, ये पांच कंपनियां- अडानी समूह की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज, माइनिंग दिग्गज अनिल अग्रवाल की वेदांता, डालमिया भारत सीमेंट, जिंदल पावर और पीएनसी इन्फ्राटेक हैं। सूत्रों ने बताया कि जेपी इन्फ्राटेक की समाधान योजना को कुछ मानदंडों को पूरा न करने के कारण खारिज कर दिया गया है। जेपी इन्फ्राटेक का पहले सुरक्षा समूह ने अधिग्रहण किया था। जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के ऋणदाताओं ने इच्छुक पक्षों द्वारा पेश बोलियों को खोलने के लिए बुधवार को बैठक की। अंतिम तिथि 24 जून थी। अप्रैल में, 25 कंपनियों ने जेएएल का अधिग्रहण करने में रुचि दिखाई थी।
क्या है मामला
रियल एस्टेट, सीमेंट विनिर्माण, होटल और इंजीनियरिंग और निर्माण में फैले जेएएल के व्यापारिक हित हैं, जिन्हें तीन जून, 2024 के राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की इलाहाबाद पीठ के आदेश के माध्यम से कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में स्वीकृत किया गया था। समूह द्वारा ऋण भुगतान में चूक के बाद जेएएल को दिवाला कार्यवाही में ले जाया गया। लेनदार 57,185 करोड़ रुपये का भारी भरकम दावा कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई वाले ऋणदाताओं के गठजोड़ से संकटग्रस्त जेएएल ऋण खरीदने के बाद नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) दावेदारों की सूची में सबसे आगे है।
कंपनी का कारोबार
जेएएल के पास प्रमुख रियल एस्टेट परियोजनाएं हैं। इनमें ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स, नोएडा में जेपी ग्रीन्स विशटाउन का एक हिस्सा (दोनों राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाके में), और जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी, जो आगामी जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट रणनीतिक रूप से स्थित है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में इसके तीन वाणिज्यिक/औद्योगिक कार्यालय भी हैं, जबकि इसके होटल खंड की दिल्ली-एनसीआर, मसूरी और आगरा में पांच संपत्तियां हैं। जेएएल के पास मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में चार सीमेंट कारखाने हैं और मध्यप्रदेश में कुछ पट्टे पर ली गई चूना पत्थर की खदानें हैं। हालांकि, सीमेंट कारखाने परिचालन में नहीं हैं।











