तेजस Mk1A की वायु सेना में एंट्री का रास्ता साफ, जल्द शामिल होने की उम्मीद

स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA तेजस Mk1A को लेकर भारतीय वायु सेना के लिए राहत की खबर. वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा है कि तेजस Mk1A के लिए इंजन की कमी दूर हो गई है. विमानों पर इंजन लगाए जा चुके हैं और फिलहाल उनके परीक्षण जारी हैं.

एयर मार्शल दीक्षित के मुताबिक, अभी दो से तीन मुद्दे बाकी हैं. इन्हें अगले एक से दो महीने में सुलझाने की उम्मीद है. इसके बाद तेजस Mk1A को भारतीय वायु सेना में शामिल करने का रास्ता साफ हो सकता है.

इंजन की कमी से हुई थी देरी

तेजस Mk1A कार्यक्रम में देरी की एक बड़ी वजह अमेरिका से मिलने वाले इंजन की आपूर्ति थी. HAL ने भी इंजन की कमी को शुरुआती देरी का प्रमुख कारण बताया है. अब इंजन मिलने के बाद विमानों पर परीक्षण किए जा रहे हैं.

वायु सेना में शामिल करने से पहले इन विमानों की जांच की जा रही है, ताकि उनकी सुरक्षा और तकनीकी जरूरतों को सुनिश्चित किया जा सके.

वायु सेना को तेजस Mk1A का इंतजार

तेजस Mk1A, स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस का आधुनिक संस्करण है. इसमें बेहतर एवियोनिक्स, रडार और हथियार प्रणालियों से जुड़े सुधार किए गए हैं.

इस विमान के वायु सेना में शामिल होने से लड़ाकू विमानों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है. साथ ही, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी.

फिलहाल तेजस Mk1A की एंट्री परीक्षण और बाकी तकनीकी मुद्दों के समाधान पर निर्भर है. वायु सेना उप प्रमुख के बयान के मुताबिक, अगले एक से दो महीने इस कार्यक्रम के लिए अहम हो सकते हैं.

वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को मिलेगी मजबूती

तेजस Mk1A के भारतीय वायुसेना में शामिल होने से मुख्य फायदा वायुसेना की लड़ाकू क्षमता और स्वदेशी फाइटर फ्लीट को मजबूत करना होगा. Mk1A, मौजूदा Tejas Mk1 का ज्यादा अपडेट वर्जन है. इसका AESA रडार हवा और जमीन से जुड़े कई लक्ष्यों को बेहतर तरीके से डिटेक्ट और ट्रैक करने में मदद करेगा. वहीं, BVR मिसाइल क्षमता दुश्मन के विमान को विजुअल रेंज से बाहर से निशाना बनाने की क्षमता बढ़ेगी. Mk1A का बड़ा हिस्सा भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है. इस लिहाज से भी यह भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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