इंदौर के पाथ ग्रुप पर ED की बड़ी कार्रवाई जारी, अनिल अंबानी लोन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच

इंदौर। महू स्थित पाथ ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी है। मंगलवार सुबह से शुरू हुई यह जांच महू माल रोड स्थित बंगला नंबर 76 पर चल रही है, जिसने प्रदेश की राजनीति और कारोबार जगत में हलचल मचा दी है। यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा कानून (फेमा) से जुड़ा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई अनिल अंबानी के लोन घोटाले से जुड़ी हुई है। ईडी को संदेह है कि करोड़ों रुपये की रकम डमी कंपनियों के जरिए दुबई भेजी गई थी।
पाथ ग्रुप देशभर में टोल, हाईवे निर्माण और अन्य कंस्ट्रक्शन कार्यों से जुड़ा एक बड़ा समूह है, जिसके मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन अग्रवाल हैं। समूह की एक दर्जन से ज्यादा कंपनियां अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर सक्रिय हैं।
जांच के दायरे में भाजपा नेता का नाम
ईडी की इस जांच में गुना-श्योपुर पाथवेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का भी जिक्र आया है।
इस कंपनी में भाजपा नेता और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय 30 सितंबर 2017 से डायरेक्टर पद पर हैं। उनके साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के भाई भी नॉमिनी डायरेक्टर हैं।
आकाश विजयवर्गीय ने 2018 विधानसभा चुनाव के शपथ पत्र में भी इस कंपनी में अपनी करीब 3.55 लाख रुपये की हिस्सेदारी का जिक्र किया था।
हरदा खनन विवाद में भी पाथ ग्रुप
पाथ ग्रुप का नाम हाल ही में हरदा जिले के खनन विवाद में भी उछला था।
2021-22 में कंपनी को रहटगांव तहसील के अंधेर खेड़ी गांव में खनन का ठेका मिला था। जांच में 51.67 करोड़ रुपये का अवैध खनन सामने आया था।
तत्कालीन एडीएम की रिपोर्ट में यह बड़ी राशि दर्ज हुई थी, लेकिन बाद में अपर कलेक्टर डॉ. नागार्जुन गौड़ा ने सुनवाई करते हुए इस पेनल्टी को घटाकर मात्र 4,032 रुपये कर दिया था।
हालांकि गौड़ा ने अपने आदेश को उचित ठहराया था, लेकिन इस मामले को लेकर काफी चर्चाएं रही हैं।











