ऑनलाइन गेमिंग में 14 लाख गंवाने वाले स्कूल छात्र की आत्महत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस जांच के दौरान यह भी पता चला कि यश 2018 से मोबाइल और ऑनलाइन गेम खेल रहा था. पुलिस ने बताया कि यश एक स्मार्टफोन इस्तेमाल करता था जिसमें उसके पिता का बैंक खाता जुड़ा हुआ था. उसे लेनदेन और ओटीपी मिलते थे, लेकिन परिवार को इस बारे में पता नहीं था कि क्या हो रहा है.

लखनऊ: ऑनलाइन गेमिंग में कथित तौर पर लगभग 14 लाख रुपये गंवाने के बाद 14 वर्षीय एक लड़के द्वारा आत्महत्या कर लेने के मामले में लखनऊ पुलिस ने एक स्कूली छात्र समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी.
पुलिस उपायुक्त (लखनऊ दक्षिण) निपुण अग्रवाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘आरोपियों में से एक 21 वर्षीय सनत गोराई है, जो झारखंड के सिंहभूम जिले का रहने वाला है. दूसरा आरोपी बिहार का एक स्कूली छात्र है.’’
मोहनलालगंज इलाके में 15 सितंबर को छठी कक्षा के छात्र यश यादव ने अपने घर पर फांसी लगा ली थी, जिसके बाद यह मामला सामने आया.
अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने 4.71 लाख रुपये नकद, ठगी के पैसों से खरीदा गया एक एप्पल लैपटॉप एवं कई अन्य प्रमुख सामान बरामद किए हैं. पुलिस ने इस अपराध के सिलसिले में विभिन्न ‘ई-वॉलेट’ में रखे 1.5 लाख रुपये के लेन-देन पर भी रोक लगा दी है.
अपर पुलिस आयुक्त (मोहनलालगंज) रजनीश वर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर मैक्स’ खेलते समय यश यादव के संपर्क में आया था.
वर्मा ने संवाददाताओं को बताया,‘‘चैट और कॉल के दौरान, आरोपी ने यश को गेम खेलने और पैसे के बदले अपनी आईडी बेचने का वादा करके विश्वास में लिया. यश ने पैसे तो भेज दिये, लेकिन उसे आईडी नहीं दी गई. जब यश ने अपने पैसे मांगे, तो आरोपी ने धमकाया. वह पिछले दो महीनों से यश के संपर्क में था.’’
पुलिस के अनुसार, पैसे कम से कम एक दर्जन बैंक खातों और ई-वॉलेट में भेजे गए थे, जहां से आरोपी ने उन्हें निकाल लिया.
पुलिस जांच के दौरान यह भी पता चला कि यश 2018 से मोबाइल और ऑनलाइन गेम खेल रहा था. पुलिस ने बताया कि यश एक स्मार्टफोन इस्तेमाल करता था जिसमें उसके पिता का बैंक खाता जुड़ा हुआ था. उसे लेनदेन और ओटीपी मिलते थे, लेकिन परिवार को इस बारे में पता नहीं था कि क्या हो रहा है.
आखिरकार, उसके पिता सुरेश यादव को पैतृक संपत्ति की बिक्री से मिले पैसों के गायब होने का पता चला. फिर भी, सुरेश यादव ने अपने बेटे को पैसे के गायब होने की जानकारी नहीं दी. परिवार को स्थिति की गंभीरता का एहसास लड़के की आत्महत्या के बाद ही हुआ.
पुलिस अब नाबालिगों के शोषण में शामिल ऑनलाइन जुए के नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है.











