इस दीवाली सिर्फ एक दिन नहीं, पाँच दिन मनाएं उत्सव! धनतेरस से भाईदूज तक, जानें रोशनी के इस महापर्व के हर दिन का धार्मिक महत्व और मान्यताएँ

दिल्ली।दीपावली यानी ‘दीपों की पंक्ति’, यह हिंदू धर्म का वह महापर्व है जो सिर्फ एक दिन का नहीं, बल्कि पाँच दिनों तक चलने वाला आस्था, समृद्धि और रिश्तों की मिठास का एक भव्य उत्सव है।

यह त्यौहार अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसे भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में दीप जलाकर मनाया जाता है।

जानिए दीपावली के इन पाँच दिनों का विशेष महत्व:
पहला दिन (धनतेरस): दिवाली की शुरुआत धन और स्वास्थ्य के इस पावन पर्व से होती है। इस दिन सोना, चांदी, नए बर्तन और घरेलू सामान खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है, ताकि वर्ष भर सौभाग्य और समृद्धि बनी रहे। इस दिन माँ लक्ष्मी के आशीर्वाद के लिए पूजा की जाती है।

दूसरा दिन (छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी): इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी ने राक्षस नरकासुर का वध किया था, इसलिए यह दिन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

तीसरा दिन (मुख्य दिवाली / लक्ष्मी पूजा): यह दीपावली का मुख्य दिन होता है, जो देवी लक्ष्मी की पूजा और समृद्धि के आशीर्वाद के लिए समर्पित है। इस दिन घर, दूकान और बाजार को दीये, मोमबत्तियों और लाइटों से रोशन किया जाता है, जो जीवन से अंधकार को दूर करने का संदेश देता है।

चौथा दिन (गोवर्धन पूजा): यह दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा को समर्पित है, जो कृतज्ञता और प्रकृति पूजा का प्रतीक है। मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने लोगों को भारी वर्षा से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया था।

पाँचवाँ दिन (भाई दूज): दीपावली त्यौहार का यह अंतिम दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सलामती की प्रार्थना करती हैं, और भाई उन्हें उपहार देते हैं।

यह त्यौहार यम और उनकी बहन यमी (यमुना) के बीच के स्नेह से प्रेरित है।यह पाँच दिवसीय उत्सव सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार को एक साथ लाने, खुशियाँ बाँटने और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रतीक है।

NewsDesk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close