अमित शाह के MP दौरे से पहले जीतू पटवारी ने किए छह सवाल, बच्चों की मौत से लेकर कर्ज तक सरकार से मांगा जवाब


मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में आदिवासी बच्चों की मौत, जहरीली शराब, दूषित पेयजल और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इन घटनाओं में जवाबदेही तय करने के साथ प्रदेश की वित्तीय स्थिति और प्रशासनिक समन्वय पर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बालाघाट में आदिवासी परिवारों द्वारा बच्चों को खोने का मामला सिर्फ एक क्षेत्र की समस्या नहीं है। स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर आदिवासी अंचलों में उठ रहे सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आदिवासी विकास के लिए आवंटित बजट के उपयोग का मदवार विवरण सार्वजनिक करने और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर प्रशासन के रवैये पर जताया असंतोष
जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के दौरान जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दौरे की पूर्व सूचना के बावजूद दोनों अधिकारियों की गैरमौजूदगी प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े करती है। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
प्रशासनिक समन्वय पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार के भीतर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सामने आई खबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मंत्री और अधिकारी एक-दूसरे से संवाद नहीं कर पा रहे हैं तो आम नागरिकों की शिकायतों का समाधान किस तरह होता होगा। उन्होंने अलग-अलग मामलों का हवाला देते हुए प्रशासनिक निर्णयों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की मांग की।
उन्होंने मंत्री विजय शाह से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी मंत्री को राजनीतिक पद के कारण जांच या कार्रवाई से विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भी नियमों के उल्लंघन या लापरवाही की पुष्टि हो, वहां नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
दूषित पानी के मामलों में जवाबदेही की मांग
जीतू पटवारी ने छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत, सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों और इंदौर में दूषित पेयजल की घटना को लेकर भी सरकार से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने दवा की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था, अवैध शराब की आपूर्ति तथा पेयजल और सीवेज व्यवस्था में संभावित चूक की जांच की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को सिर्फ जांच समितियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। जांच में यदि किसी अधिकारी या संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
कर्ज और सरकारी खर्च पर भी सवाल
प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर जीतू पटवारी ने नए कर्ज, ब्याज भुगतान और ऋण से प्राप्त राशि के उपयोग का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए विमान और हेलीकॉप्टर जैसी सुविधाओं पर होने वाले सरकारी खर्च का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को अपनी खर्च प्राथमिकताओं का भी पारदर्शी हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकार ने कितना कर्ज लिया, उसपर कितना ब्याज चुकाया जा रहा है और ऋण से प्राप्त धनराशि किन योजनाओं और विकास कार्यों पर खर्च की गई।
अमित शाह के सामने रखे छह सवाल
जीतू पटवारी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे के दौरान उनसे सामने छह प्रमुख सवाल रखे हैं। इनमें मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच कथित संवादहीनता, छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत, सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतें, आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति, इंदौर में दूषित पेयजल की घटना तथा प्रदेश के बढ़ते कर्ज और सरकारी खर्च का हिसाब शामिल है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की जनता को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय पारदर्शी जांच और जवाबदेही चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को इन घटनाओं में जिम्मेदारियों का निर्धारण कर समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस आदिवासी परिवारों और जनहित के मुद्दों को उठाती रहेगी।
भाजपा के लचर और लाचार शासन का असर आम नागरिकों पर भी हो रहा है, क्योंकि मोहन सरकार कर्ज लेकर, सिर्फ मर्ज बढ़ा रही है!
📍भोपाल | प्रेस कॉन्फ्रेंस pic.twitter.com/LH18L9MMmw
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) October 2, 2026











