नर्सिंग कॉलेज फर्जी निरीक्षण मामला, डीसीपी क्राइम को जांच सौंपी, सीएमएचओ कार्यालय के डॉक्टरों पर FIR के निर्देश

भोपाल में नर्सिंग कॉलेज से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में जांच तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की शिकायत पर राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लेते हुए भोपाल के डीसीपी क्राइम को पूरे मामले की जांच सौंपी है। प्रकरण में सीएमएचओ कार्यालय के डॉक्टरों और निजी नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन की मिलीभगत सामने आने की बात कही जा रही है।

मामला एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग और उससे संबद्ध अरनव अस्पताल से जुड़ा है। कॉलेज और अस्पताल की मान्यता को लेकर मप्र नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने सीएमएचओ भोपाल को भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला टीकाकरण अधिकारी रितेश रावत और चिकित्सा अधिकारी अभिषेक सेन को निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई।

आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किए बिना ही कार्यालय में बैठकर कॉलेज के पक्ष में फर्जी और कूटरचित रिपोर्ट तैयार की और उसे काउंसिल को भेज दिया। इस रिपोर्ट के आधार पर संस्थान को वैध दिखाने का प्रयास किया गया।

एनएसयूआई नेताओं का कहना है कि मामले के साक्ष्य सामने आने के बावजूद 12 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किए जाने के बाद भी एक माह तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने आरोप लगाया है कि दोषी अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

राज्य साइबर पुलिस के निर्देश पर अब डीसीपी क्राइम पूरे मामले की जांच करेंगे। साथ ही सीएमएचओ कार्यालय से जुड़े संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।