धार भोजशाला में वसंत पंचमी से पहले हाई अलर्ट, 8 हजार जवानों की तैनाती, कोर्ट और ASI के आदेश पर नजर

वसंत पंचमी पर मां वाग्देवी की पूजा को लेकर धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर सख्त कर दिया गया है। 23 जनवरी को प्रस्तावित आयोजन को देखते हुए जिलेभर में आठ हजार से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं, वहीं सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संभावित आदेश को लेकर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षा की दृष्टि से छह सेक्टरों में विभाजित किया गया है। निगरानी के लिए परिसर में 300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि पूरे शहर में करीब एक हजार कैमरों से निगरानी की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस और केंद्रीय बलों के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया है।

इस बीच वसंत पंचमी को लेकर धार्मिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। महिलाओं द्वारा अक्षत कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सिर पर कलश और हाथों में भगवा ध्वज लेकर नगर भ्रमण किया गया। महिलाओं ने वसंत पंचमी के दिन मां वाग्देवी की अखंड पूजा का संकल्प दोहराया।

22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें वसंत पंचमी के दिन भोजशाला में प्रवेश व्यवस्था को लेकर मांग की गई है। शुक्रवार को वसंत पंचमी पड़ने के कारण स्थिति को संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में एएसआई के पुराने निर्देशों के तहत नए दिशा-निर्देश जारी होने की भी संभावना है।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए इस बार ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। एआई सिस्टम के माध्यम से भीड़ की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।