दिल्ली की जूता फैक्ट्री में मौत का तांडव: हरदोई के दो चचेरे भाई जिंदा जले

हरदोई : जिले के पाली कस्बा निवासी दो चचेरे भाइयों की बुधवार रात दिल्ली के बहादुरगढ़ स्थित एक जूता फैक्ट्री में लगी भीषण आग में जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि असमधा गांव के दो युवक अस्पताल में भर्ती हैं.गुरुवार सुबह जैसे ही इस हृदयविदारक घटना की सूचना कस्बा पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई.
मृतकों की पहचान अता वारिस (26) पुत्र वलीउल्ला उर्फ आपू और अमीरुद्दीन (51) पुत्र सहाबुद्दीन के रूप में हुई है.परिजनों के अनुसार अमीरुद्दीन हाल ही में काम की तलाश में दिल्ली गए थे और सिर्फ चार दिन पहले ही उक्त फैक्ट्री में काम शुरू किया था.वहीं अता वारिस पिछले करीब चार महीनों से उसी फैक्ट्री में कार्यरत था.
परिजनों ने बताया कि अमीरुद्दीन पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां सादिका (12) और 11 माह की हाफिजा हैं.अमीरुद्दीन शनिवार को ही घर से दिल्ली गए थे और रविवार से फैक्ट्री में काम शुरू किया था। बचपन से दिल्ली में काम करने के बावजूद, इस फैक्ट्री में उनका यह पहला सप्ताह था, जो आखिरी साबित हुआ.
वहीं अता वारिस दो भाइयों और तीन बहनों में चौथे नंबर का था, उसके पिता वलीउल्ला उर्फ आपू ने बताया कि अता बारिश पहले दिल्ली में काम करता था, बाद में देहरादून चला गया था.करीब एक वर्ष पूर्व वह दोबारा दिल्ली लौटा और बीते सितंबर माह में उक्त जूता फैक्ट्री में नौकरी शुरू की थी, अता बारिश अविवाहित था.
इस हादसे में क्षेत्र के असमधा गांव क जैनुल और आरिफ की भी हालत गंभीर है, बताया गया कि आग की लपटें उठती देख जैनुल छत से नीचे कूद गया, जिससे उसकी टांगें टूट गईं.आरिफ अपने साथियों को आग से जिंदा जलते देख इतना भयभीत हो गया कि वह कोमा में चला गया, जो अब आईसीयू में भर्ती है, उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.इसके अलावा शाहाबाद क्षेत्र के टुरुमुकी गांव के कुछ युवक भी आग की चपेट में आकर झुलस गए.
मृतकों के परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उक्त फैक्ट्री में इससे पहले भी आग लग चुकी है, जिसमें असमधा गांव के कई युवकों की जलकर मौत हो गई थी, इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए. घटना के बाद से मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है.परिजन सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.











