नशीला लड्डू, अपहरण और 3.50 लाख की सौदेबाज़ी—रेल में हिला देने वाली वारदात का पर्दाफाश

इटावा : नन्दन कानन एक्सप्रेस में 10 माह के मासूम के अपहरण की दिल दहला देने वाली वारदात का जीआरपी ने तेज़, सटीक और सुनियोजित कार्रवाई से पर्दाफाश कर दिया. रेल पुलिस की मुस्तैदी से न सिर्फ मासूम को सकुशल बरामद किया गया, बल्कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध में लिप्त तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया .

घटना अलीगढ़ से कोडरमा जा रही एक महिला यात्री के साथ हुई.यात्रा के दौरान सामने बैठे युवक ने भरोसे की आड़ में महिला को नशीला लड्डू खिला दिया.कुछ ही देर में महिला बेहोश हो गई और इसी का फायदा उठाकर आरोपी उसके गोद से 10 माह के बच्चे को लेकर फरार हो गया.होश में आने पर पीड़िता ने जीआरपी मिर्जापुर अनुभाग प्रयागराज में जीरो एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद जांच थाना जीआरपी इटावा को सौंपी गई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे लखनऊ के निर्देश पर चार विशेष टीमें गठित की गईं.इटावा जंक्शन, टूंडला और अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. तकनीकी साक्ष्यों और ऑनलाइन टिकट ट्रांजैक्शन से आरोपी की पहचान कर सर्विलांस के माध्यम से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई.

लोकेशन मिलते ही जीआरपी इटावा और अलीगढ़ की संयुक्त टीम ने गौतमबुद्धनगर के दादरी क्षेत्र में दबिश दी.ग्राम रोजा जलालपुर में परचून की दुकान पर संदिग्ध हालत में घूम रहा आरोपी पुलिस को देखते ही भागने लगा, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे दबोच लिया.पूछताछ में उसने अपना नाम सोनू सिंह बताया और सनसनीखेज खुलासा किया कि उसने मासूम बच्चे को 3 लाख 50 हजार रुपये में अशोक कुमार और उसकी पत्नी को बेच दिया था.

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दादरी स्थित घर से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और इस घिनौने सौदे में शामिल सोनू सिंह, अशोक कुमार और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया.मासूम के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली.
इस बड़ी सफलता पर पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा ने पूरी टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया.जीआरपी की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून की पकड़ से कोई बच नहीं सकता और मासूमों के साथ खिलवाड़ करने वालों की जगह सिर्फ जेल है.