सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर किसानों का हल्ला बोल, 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को चेतावनी

सुल्तानपुर : सुल्तानपुर जिले में भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयता वादी अराजनैतिक) ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया.जिलाध्यक्ष गौरीशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 15 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा. यूनियन ने बताया कि इससे पहले 3 जनवरी 2025 और 22 दिसंबर 2025 को भी मांग पत्र दिए गए थे.

किसानों का आरोप है कि इन पर गहनता से विचार-विमर्श के बावजूद अब तक किसी भी विभाग ने न तो समस्याओं का समाधान किया है और न ही सक्षम अधिकारियों से कोई बातचीत हुई है.इससे किसानों में भारी आक्रोश है.किसान पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि यदि 10 जनवरी तक दिए गए मांग पत्रों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो यूनियन 11 फरवरी को धरना-प्रदर्शन करेगी.

इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। सौंपे गए मांग पत्र में कई प्रमुख मुद्दे उठाए गए हैं। इनमें लम्भुआ तहसील के ग्राम सभा रघुनाथपुर (बधा) में गौतम बस्ती के रास्ते की समस्या का समाधान करने के लिए पैमाइश कराकर रास्ता खुलवाने की मांग शामिल है.इसके अतिरिक्त, लम्भुआ तहसील के नगर पंचायत कोइरीपुर (विवेक नगर) में रमेश चंद्र भूने की भूमि पर ठेकेदार द्वारा जबरन पानी की टंकी का निर्माण कराए जाने का आरोप है.

किसानों ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और तत्काल निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की। कोइरीपुर (विवेक नगर) में ही रमेश भूने की गाटा संख्या 577 पर जबरन इंटरलिंकिंग नाली निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया.यूनियन ने पैमाइश करवाकर दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई और जमीन को उसकी मूल स्थिति में बहाल करने की मांग की है.

अन्य मांगों में लम्भुआ तहसील के ग्राम सभा मैत्रीकला में बलियान गाटा संख्या 120 पर हुए अतिक्रमण को टीम गठित कर चिन्हित करते हुए हटवाने की मांग की गई.साथ ही, ककुभी के ग्राम सभा नसडे में दबंगों द्वारा सार्वजनिक रास्ते (गाटा संख्या 650) पर किए गए अतिक्रमण को हटवाकर लोगों के आवागमन को सुचारु करने की मांग भी शामिल है.