20 अक्टूबर से बदलेगा मध्य प्रदेश का मौसम, गिरेगा पारा, रात में बढ़ेगी ठंड, जानिए पूरे हफ्ते का हाल


चक्रवातीय परिसंचरण के कमजोर होने से सोमवार से फिर मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिन मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना जताई है, वहीं 20 अक्टूबर से तापमान में गिरावट के साथ रात में ठंड बढ़ने की संभावना है। हालांकि दिन में गर्मी का असर बरकरार रहेगा।
रविवार को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना में बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई। इंदौर शाजापुर और छिंदवाड़ा में तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया। वहीं पचमढ़ी और भोपाल समेत अन्य शहरों में तापमान 17 डिग्री के आसपास रहा। कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
मौसम विभाग की मानें तो उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, इसका असर मध्य प्रदेश पर रहा तो आने वाले दिनों में प्रदेश में फिर बादल छा सकते हैं और कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी भी हो सकती है।
मानसून 100 दिन सक्रिय रहा फिर भी सीजन में 1.5 इंच बारिश कम हुई
इस बार मानसून ने 24 जून को प्रदेश प्रवेश किया था और 3 अक्टूबर 2026 को विदा हुआ। इन 100 दिनों में 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच (95.9%) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिलीमीटर ) होनी चाहिए थी। प्रदेश में करीब 4% या 1.5 इंच बारिश कम हुई। इस बार पूर्वी मध्य प्रदेश में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12% कम बारिश हुई। पिछले साल मानसून ने 16 जून 2025 को प्रदेश में प्रवेश किया था और 13 अक्टूबर 2025 को विदा हुआ था। आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून का सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक होता है।
इस सीजन में प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका हालांकि 25 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा। निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य से अधिक बारिश हुई।
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा 4% ज्यादा रहा लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में भी औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई ।












