टीकमगढ़ जिले को मिला राष्ट्रीय सम्मान, धन-धान्य कृषि योजना में बेहतर काम के लिए मिली पहचान

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले ने खेती-किसानी और ग्रामीण विकास के मामले में पूरे देश में एक मिसाल पेश की है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत बेहतरीन काम करने के लिए टीकमगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जिससे पूरे जिले में खुशी का माहौल है।

एमपी के पांच जिलों का बजा डंका

टीकमगढ़ के अलावा प्रदेश के उमरिया, सीधी, शहडोल और डिंडोरी जिलों के कलेक्टरों को भी इस राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया गया है। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि केंद्र सरकार हर महीने डैशबोर्ड के जरिए जिलों में चल रहे कामों की ऑनलाइन समीक्षा करती है और बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को चुनती है।

गेहूं के उत्पादन और रकबे में तगड़ा सुधार

पिछले कुछ सालों में टीकमगढ़ जिले में खेती के आंकड़ों में बहुत बड़ा सुधार आया है। साल 2023-24 में जहां जिले में गेहूं का उत्पादन 6.12 लाख मीट्रिक टन था वहीं साल 2025-26 में यह बढ़कर सीधे 6.92 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया। इसके साथ ही गेहूं की खेती का रकबा भी 2.08 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.22 लाख हेक्टेयर से ज्यादा हो गया है।

खरीफ फसलों की बंपर बोवनी और जल संरक्षण

जिले में खरीफ फसलों का कुल क्षेत्रफल 2,30,810 हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो कि तय लक्ष्य से भी ज्यादा है। खासतौर पर उड़द की बोवनी तय लक्ष्य से लगभग 16.68 प्रतिशत अधिक रही। इसके अलावा पानी बचाने के लिए जिले में 134 नए जल संग्रहण ढांचे तैयार करने का लक्ष्य भी सफलता के साथ पूरा कर लिया गया है।

 

 

 

 

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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