मध्यप्रदेश में बजट सत्र के बाद प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी, कई कलेक्टर-कमिश्नर बदलेंगे

प्रदेश में बजट सत्र के बाद बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी है। सरकार कुछ कलेक्टरों और कमिश्नरों को बदलने की योजना बना रही है। इसके साथ ही सचिव और अपर कलेक्टर स्तर पर भी तबादले किए जाने की संभावना है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य 21 फरवरी को अंतिम प्रकाशन के साथ पूरा हो जाएगा। हालांकि विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक प्रस्तावित है। विधानसभा सत्र के दौरान सामान्यतः तबादले नहीं किए जाते, इसलिए अब बदलाव बजट सत्र के बाद किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार जिन कलेक्टरों की कार्यप्रणाली की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं रही है, उन्हें बदला जा सकता है। मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर सम्मेलन में दिए गए निर्देशों के पालन और मुख्य सचिव स्तर पर किए गए कामकाज के आकलन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह रिपोर्ट तैयार कर ली है।
मैदानी स्तर पर कलेक्टरों के साथ अपर कलेक्टरों को भी बदले जाने की संभावना है, विशेष रूप से वे अधिकारी जो ढाई वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। कुछ सचिव स्तर के अधिकारियों को नए दायित्व दिए जा सकते हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की चर्चा है। इससे पहले सचिव स्तर के कुछ अन्य अधिकारी भी प्रतिनियुक्ति की कतार में बताए जा रहे हैं।
प्रदेश से वर्तमान में 44 अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिनमें से 14 अधिकारी वर्ष 2024 और 2025 में गए हैं। इससे संवर्ग प्रबंधन पर असर पड़ा है और कई अधिकारियों को एक से अधिक विभागों का दायित्व संभालना पड़ रहा है। अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर कमी के कारण सचिव स्तर के अधिकारियों को स्वतंत्र प्रभार दिए गए हैं। इस वर्ष केवल एक अधिकारी को प्रमुख सचिव पद पर पदोन्नति मिली है।