उत्तर प्रदेश: बहराइच में जंगली हाथी ने 100 वर्षीय बाबा को पटक कर मार डाला, मचा हड़कंप

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के सुरेश दास बाबा (100 वर्ष) कारीकोट क्षेत्र के हजारीपुरवा गांव के निवासी थे. वह कटियारा बाबा कुटिया में लगभग 15 साल से पूजा-पाठ करते थे. वह बाल ब्रम्हचारी थे. रविवार रात करीब 8:30 बजे पुजारी अपने साथी राम लखन के साथ खाना खा रहे थे। खाना खाने के बाद राम लखन थाली धोने चले गए और पुजारी कुटिया में ही मौजूद थे. उसी समय एक दांत वाला हाथी कुटिया में घुस गया.
राम लखन ने बताया कि जब वह वापस कुटिया में आए तो देखा कि अंदर हाथी मौजूद है. वह टॉर्च लेने के लिए चले गए. तभी हाथी झोपड़ी तोड़ने लगा। वहां मौजूद पुजारी ने हाथी से कहा, “सब तोड़ दोगे क्या? हम कहां रहेंगे?
इतने में हाथी ने पुजारी को दौड़ा लिया. पुजारी भागने में नाकाम रहे. गुस्से में हाथी ने उन्हें दांत में फंसाकर पटक दिया. फिर उनके ऊपर पैर रख दिया। हाथी के कुचलने से पुजारी की मौत हो गई.
राम लखन ने फौरन घटना की जानकारी ग्राम प्रधान को दी. ग्राम प्रधान श्याम लाल ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। सुजौली थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा और वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची. कतर्नियाघाट के रेंजर आशीष गोंड ने बताया कि हाथियों की गतिविधि बढ़ी हुई है, जिससे रात में मौके तक पहुंचने में दिक्कतें आईं.
वन विभाग के रेंजर आशीष गौढ़ ने बताया कि क्षेत्र में इन दिनों हाथियों का मूवमेंट बढ़ गया है. वनकर्मियों और गजमित्रों की टीम को अलर्ट कर दिया गया है। जंगल से सटे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. ग्रामीणों से अपील की गई है कि रात में टॉर्च लेकर ही घर से बाहर निकलें और अकेले जंगल की ओर न जाएं.
दो दिन के अंदर हुई दूसरी मौत
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत बिछिया-मिहीपुरवा मार्ग पर शुक्रवार दोपहर एक हाथी के हमले में बाइक सवार महिला की मौत हो गई थी. वहीं, दो बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए. सड़क पर बाइक की रफ्तार धीमी होते ही हाथी ने हमला कर दिया. बड़े बेटे करन और छोटे बेटे अर्जुन ने बताया कि हाथी ने सूंड से उनकी मां को पटक दिया और पैरों तले रौंदते हुए जंगल की ओर चला गया.