जिनेवा वार्ता बेनतीजा खत्म, ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर जिनेवा में हुई तीन घंटे की अप्रत्यक्ष वार्ता बिना किसी स्पष्ट नतीजे के समाप्त हो गई। इस दौरान दोनों देशों के बीच तनाव और बयानबाजी भी तेज हो गई। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी सरकार को गिराना आसान नहीं है और दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना को भी जवाब दिया जा सकता है।

वार्ता ऐसे समय में हुई जब क्षेत्र में अमेरिका ने अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन एक विकल्प हो सकता है। इसके जवाब में ईरान ने स्पष्ट किया कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। ईरान ने मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी युद्धपोतों को भी चेतावनी दी है।

बातचीत के दौरान ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। यह कदम सैन्य अभ्यास के दौरान एहतियात के तौर पर उठाया गया। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है, इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट का वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

वार्ता में अमेरिका की ओर से विशेष दूत शामिल हुए, जबकि ईरान की तरफ से विदेश मंत्री ने प्रतिनिधित्व किया। दोनों देशों के बीच ओमान की मध्यस्थता में यह बातचीत हुई। ईरान का कहना है कि बातचीत केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहनी चाहिए, जबकि अमेरिका मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों जैसे अन्य मुद्दों को भी शामिल करना चाहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना अभी भी अनिश्चित बनी हुई है और आने वाले समय में वार्ता के अगले दौर पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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