सिर पर हाथ रख देता है ‘आशीर्वाद’! इस अनोखे लंगूर की कहानी जानकर रह जाएंगे हैरान

प्रतापपुर: इन दिनों प्रतापपुर क्षेत्र में एक अनोखा और चौंकाने वाला दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कहीं से भटककर आया एक विशालकाय लंगूर, जिसे ग्रामीण “लंगूरिया बाबा” कहकर पुकार रहे हैं, पूरे इलाके में आकर्षण का केंद्र बन गया है। बताया जा रहा है कि अब तक यह लंगूर करीब 50 ग्राम पंचायतों में देखा जा चुका है और जहां भी जाता है, लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है.

इस लंगूर की खास बात इसका व्यवहार है। जब यह सड़क पर चलता है तो ऐसा प्रतीत होता है मानो कोई इंसान चल रहा हो.कभी घरों के आंगन में, कभी पेड़ों पर, तो कभी सड़क किनारे यह सहज भाव से नजर आता है.हैरानी की बात यह है कि इतने दिनों में इसने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। उल्टा लोग इसे फल, केला खिलाते हैं और कई लोग इसे बजरंगबली का स्वरूप मानकर पूजा भी कर रहे हैं.

ग्रामीणों में इस लंगूर को लेकर आस्था इस कदर बढ़ गई है कि लोग इसके साथ सेल्फी ले रहे हैं। कई बार यह लोगों के सिर पर हाथ रखकर “आशीर्वाद” देता हुआ भी दिखाई देता है, जिससे लोगों की श्रद्धा और भी गहरी हो गई है। बच्चे भी इसे देखकर बेहद खुश होते हैं और इसके आसपास बिना डर के खेलते नजर आते हैं.

महाशिवरात्रि मेले के दौरान भी यह लंगूर जगराता स्थल पर पेड़ के ऊपर बैठकर कार्यक्रम का “आनंद लेते” देखा गया, जिसके बाद यह और अधिक चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर इसके फोटो और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं


वन विभाग भी इस लंगूर पर नजर बनाए हुए है। एसडीओ स्मृति बारले के अनुसार यह लंगूर काफी शांत, मिलनसार और इंसानों के बीच रहने का आदी प्रतीत होता है.उन्होंने बताया कि इस तरह का लंगूर कुदरगढ़ क्षेत्र में देखा गया था, लेकिन प्रतापपुर में यह पहला मामला है.

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे इसके साथ मित्रवत व्यवहार करें और किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। फिलहाल “लंगूरिया मेहमान” प्रतापपुर में आस्था, रहस्य और उत्सुकता का अनोखा संगम बन गया है.

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